उत्तर प्रदेश में पिछले काफी वक़्त से पक्ष और विपक्ष के बीच में तकरार जारी हैं। आइये आपको बताते हैं कि दवा को लकर देश में इतना बवाल क्यों मचा हैं. आपको याद होगा 18 अक्टूबर का दिन था और राज्य था मध्य प्रदेश जहाँ पर हाहाकार मच गया था और सरकार को भी कुछ समझ नहीं आया। जब तक मध्य प्रदेश सरकार कुछ समझती तब तक वहां पर हालत बद से बत्तर हो चुके थे। इतना ही नहीं, देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से भी जुड़ते नज़र आये। फिर क्या था कि विपक्ष को एक और मौका मिल गया सरकार को घेरने का और फिर पक्ष और विपक्ष में तकरार बढ़ती गई और एक दूसरे पर आरोप और प्रत्यारोप को दौर चलने लगा।
आइये जानते है क्या था पूरा मामला
मध्य प्रदेश में कफ सिरप को लेकर तकरीबन एक दर्जन बच्चों की मौत हो गई थी। जिसके बाद प्रशासन और शासन के हाथ पैर फूल गए थे, लेकिन आनन फानन में सरकार ने बच्चों के इलाज का इंतज़ाम किया और इसके पीछे के स्कैन्डल का पता लगाने में लग गई। हालांकि इसके तार यूपी तक फैले थे और यहां पर जब इसकी जांच शुरू हुई तो इसके पिछे कई शातिर लोगों के नाम सामने आए और लगभग 100 करोड़ का कफ सिरप का कारोबार चल रहा था, और इस पूरे मसले की जाँच में कुछ आरोपी की गिरफ़्तारी हो गई है और कुछ अभी भी फरार चल रहे हैं। इस स्कैंडल के बाद ED ने लखनऊ, वाराणसी समेत कई जिलों में छापेमारी की। बताया ये भी जा रहा है कि इस पूरे केस में बाहुबली धनजय सिंह का भी नाम सामने आ रहा हैं, लेकिन कोई भी इस पर खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
कफ सिरप को लेकर अखिलेश यादव का सरकार पर तंज
इस पूरे मसले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का बदस्तूर हमला जारी है। सपा प्रमुख ने बीजेपी सरकार के खिलाफ कफ सिरप को लेकर मोर्चा खोल दिया और सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली, इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने अपने X पर कल सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम को लेकर शायराना अंदाज में तंज कैसा था. अखिलेश यादव ने कहा-
“एक फ़ुल दो हॉफ़ हैं, यूँ तो आपस में ख़िलाफ़ हैं
कोडीन के मारे ये सारे, आज डर के मारे साथ हैं”

कफ सिरप को लेकर विधानसभा में सीएम योगी का बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र का आज सोमवार को दूसरा दिन है। योगी आदित्यनाथ ने कोडीन कफ सिरप मामले में प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों को करारा जवाब दिया है। यूपी विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में कोडीन कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है। सीएम योगी ने कहा कि कोडीन कफ सिरप नहीं बनता है। सपा सरकार ने इसके सरगना को लाइसेंस दिया था। इस मामले में 225 नामजद हैं और 78 गिरफ्तारी हैं और समय आने पर बुलडोजर भी चलेगा। कोडीन मामले में कोई अपराधी नहीं बचेगा।

जांच में आया सपा के नेता का नाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘इलीगल ट्रांजेक्शन भी जो हुआ है वो समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी के पदाधिकारी के अकाउंट के माध्यम से हुआ है। STF इसकी जांच कर रही है। इस पूरे मामले NDPS के अंतर्गत मुकदमा चलना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस लड़ाई को लड़ा है, उसको जीता है। और इस मामले में कोई भी अपराधी छूटने नहीं पाएगा। और चिंता मत करिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी भी रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
गौरतलब है कि विधानसभा सेशन की शुरुआत में प्रश्नकाल के वक्त नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के माता प्रसाद पांडेय ने सिरप वाले मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कोडीन सिरप का मामला पूरे उत्तर प्रदेश में जाल की तरह फैला है। बहुत दिनों से यह चल रहा है। WHO ने भी इसका संज्ञान लिया है। इसके सेवन से सैकड़ों बच्चों की जान गई है। इससे हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस भी हुआ है। सरकार को इसकी जानकारी पहले ही हो जानी चाहिए थी। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस बात से इनकार करते हुए दावा किया कि यूपी में इससे 1 भी मौत नहीं हुई।

सरकार के मंत्रियों का कफ सिरप पर बयान
उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायकों पर कहा, “विरोध करना विपक्ष का काम है; यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है; लाइसेंस केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है।”
कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायकों पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, “सदन को चलने न देना ही उनका काम बन गया है।” बृजेश पाठक ने आगे कहा कि यूपी विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही में उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि साल 2017 से पहले यूपी के अस्पतालों को तबेला बना दिया था और इन पर पहले माफिया राज करते थे।
कफ सिरप विवाद को लेकर विधानसभा में सपा के विरोध प्रदर्शन पर यूपी मंत्री असीम अरुण ने कहा, “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि इस कफ सिरप मामले में किस पार्टी के लोग शामिल हैं। अपने अपराध को छिपाने के लिए वे आज विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।”
कोडीन आधारित कफ सिरप की तस्करी के विरोध में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे सपा विधायकों पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा, “उन्हें केंद्र सरकार को घेरना चाहिए, हमें नहीं; राज्य सरकार दवाओं के लिए लाइसेंस जारी नहीं करती।”









