नए साल की शुरुआत का इंतज़ार हर इंसान बहुत बेसब्री से करता है और उसको बहुत धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी में रहता है। हर इंसान आने वाले साल को एक अलग ढंग से मनाता है और उसको जीना चाहता है। लेकिन इन सबके बीच नया साल नई खुशियां तो लाता है, लेकिन दूसरी तरफ सरकार आम आदमी की जेब में पलीता लगाने का काम कर रही है।
प्रदूषण को देखते हुए परिवहन विभाग का बड़ा फैसला
इस बार नया साल आम जनता के लिए महंगा साबित हो सकता है। उसके पीछे का कारण है कि दिल्ली में बेहताशा प्रदुषण नें वहां की आबो-हवा को इतना ज़हरीला बना दिया है कि लोगों का दम घुटने लगा है। जिसको देखते हुए प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार और परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट से जुड़े नियमों को और कड़ा कर दिया है। बता दें कि 1 जनवरी से बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाहन चलाने वालों पर 10,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। खासकर महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों में वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसी को नियंत्रित करने के लिए अब नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

PUC नहीं तो सीधा चालान
नए नियम लागू होने के बाद यदि किसी वाहन चालक के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं पाया गया, तो ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही 10 हजार रुपये का चालान काट सकती है। इतना ही नहीं, बार-बार नियम तोड़ने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
दोपहिया और चारपहिया—सब पर लागू
यह नियम दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों सभी पर समान रूप से लागू होगा। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर लोग बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस तो बनवा लेते हैं, लेकिन PUC को नजरअंदाज़ कर देते हैं, जो अब भारी पड़ सकता है।

आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ
महंगाई से पहले ही जूझ रहे आम आदमी के लिए यह फैसला जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला माना जा रहा है। PUC सर्टिफिकेट बनवाने की फीस भले ही कम हो, लेकिन लापरवाही की कीमत अब हजारों में चुकानी पड़ेगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
परिवहन विभाग का कहना है कि यह कदम सजा देने के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए उठाया गया है। अगर सभी वाहन समय-समय पर PUC जांच कराएं, तो प्रदूषण के स्तर में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है।

क्या करें वाहन चालक
- समय पर PUC सर्टिफिकेट बनवाएं
- सर्टिफिकेट की वैधता तारीख जरूर जांचें
- वाहन के कागजात हमेशा साथ रखें
- प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों पर अब आपको पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। सरकार ने परिचालन खर्च और नई तकनीक के हवाला देते हुए दरों में संशोधन किया है अब नए नियम के हिसाब से आपको दोपहिया वाहन के लिए 60-80 रूपए देने होंगे, चारपाहिया वाहन के लिए 100-120, तो वहीं भारी वाहन के लिए 150-200 रूपये तक देने होंगे।
- इस नियम में केवल एक ही वर्ग को राहत दी गई है, और वे हैं इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिक। चूंकि ईवी से धुआं नहीं निकलता, इसलिए उन्हें इस प्रदूषण जांच और जुर्माने के जाल से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
नए साल में चालान से बचना है तो अभी से सतर्क हो जाइए, क्योंकि लापरवाही अब सीधे 10 हजार रुपये का झटका दे सकती है। वहीं ट्रैफिक पुलिस अब हाई-टेक कैमरों और ऑनलाइन डेटाबेस के जरिए आपके सर्टिफिकेट की वैधता की जांच करेगी। यानी आप नजरों से तो बच सकते हैं, लेकिन सिस्टम से नहीं!









