देश की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और आतंकी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के संकल्प के साथ आज से दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सम्मेलन (National Anti-Terror Conference) का आगाज हो रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक सशक्त करना है। बदलते दौर में आतंकवाद के हाई-टेक होते स्वरूप से निपटने के लिए यह सम्मेलन साझा रणनीति (Unified Strategy) तैयार करने की एक अच्छी पहल है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ‘Whole of the Government approach’ की भावना से आतंकवाद के खतरे के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के लिए औपचारिक और अनौपचारिक चैनल स्थापित करके विभिन्न हितधारकों के बीच तालमेल विकसित करना और भविष्य की नीति निर्माण के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत करना है।

इस सम्मेलन में NIA निम्नलिखित बिन्दुओ से देश की सुरक्षा को बढ़ाने पर ज़ोर देगी।
1. इंटर-एजेंसी समन्वय: एनआईए, राज्य पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) और अन्य खुफिया इकाइयों के बीच सूचना साझा करने के तंत्र को बेहतर बनाना।
2. टेरर फंडिंग पर प्रहार: आतंकी संगठनों को मिलने वाली आर्थिक मदद के स्रोतों को नष्ट करने पर विशेष सत्र।
3. डिजिटल आतंकवाद: साइबर स्पेस और डार्क वेब के माध्यम से फैल रहे कट्टरपंथ और ऑनलाइन भर्ती की चुनौतियों पर चर्चा।
4. कानूनी ढांचा: आतंकवाद से जुड़े मामलों में सजा दर (Conviction Rate) बढ़ाने के लिए कानूनी और तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर उपयोग पर मंथन।

उद्घाटन सत्र के दौरान गृह मंत्री अमित शाह सुरक्षा चुनौतियों और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार के विजन को साझा करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान पिछले कुछ वर्षों में आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर मिली सफलताओं और भविष्य की चुनौतियों, जैसे नार्को-आतंकवाद, पर कड़ा संदेश दिया जाएगा।
इस सम्मेलन में विदेशी न्यायक्षेत्रों से साक्ष्य एकत्र करने, आतंकवाद विरोधी जांच में डिजिटल फोरेंसिक और डेटा विश्लेषण, मुकदमे का प्रभावी प्रबंधन, कट्टरता से निपटना, जासूसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरते हाईब्रिड खतरों सहित आतंकवाद से संबंधित अन्य विषयों पर सत्र शामिल हैं। इसके अलावा दो दिन के सम्मेलन में, आतंकवाद वित्तपोषण नेटवर्क को बाधित करने के टूल्स, तकनीक और केस स्टडी, भविष्य के लिए आतंकवाद विरोधी रणनीतियों का निर्माण और उभरते राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमताओं के निर्माण पर सत्रों को भी शामिल किया गया है। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद विरोधी मुद्दों से निपटने वाली केंद्रीय एजेंसियों/विभागों के अधिकारी और कानून, फोरेंसिक, प्रौद्योगिकी आदि जैसे संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।









