अपने देश में जब इंसान घुमने की तैयारी करता है तो उसके ज़हन में सबसे पहले ये आता है कि क्या जहां वो घुमने जा रहा है वहां ट्रेन में टिकट खाली है या नहीं। अपने देश में आधे सेज़्यादा आबादी ट्रेस से सफर करती है, और अब तो मोदी सरकार ने रेलवे को भी बहुत आत्याधुनिक करते चले जा रहे है। सरकार ने कई नई ट्रेनों को बी लांच कर दिया है। लेकुन इन सबके बीच ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बुरी खबर आ रही है।
ट्रेन के किराये में हुई बढ़ोतरी
आपको बताते चलें कि ट्रेन में सफर करना आज से महंगा हो गया है। रेल मंत्रालय ने गुरुवार को यात्री ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा की जो आज से लागू हो गई है। लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए किराए में मामूली बढ़ोतरी की गई है। 215 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर साधारण श्रेणी में यात्रा करने पर प्रति किलोमीटर 1 पैसा ज्यादा लगेगा। हालांकि लोकल ट्रेनों और छोटी दूरी की यात्रा करने वालों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस बदलाव से रेलवे को चालू वित्त वर्ष में करीब 600 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह इस साल यात्री किराए में दूसरी बार बढ़ोतरी है। इससे पहले जुलाई में भी किराए बढ़ाए गए थे।

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में किराये में हुई बढ़ोतरी
रेलवे के मुताबिक मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी कोचों और सभी एसी क्लास में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। यानी 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा पर केवल 10 रुपये बढ़ेंगे। नई व्यवस्था के तहत लोकल ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई इज़ाफा नहीं होगा। साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी पुराने किराए का ही भुगतान करना होगा।

आखिर ऐसा क्या हुआ जो रेलवे को बढ़ाना पड़ा किराया?
रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक ये कहा गया है कि पिछले एक दशक में रेल नेटवर्क और संचालन में बड़ा विस्तार किया गया है। इसे देखते हुए किराए में मामूली बढ़ोतरी की गई है। रेलवे के संचालन की मांग बढ़ी है और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे खर्चों में वृद्धि हुई है।
कर्मचारियों पर होने वाला खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पेंशन का खर्च 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। साल 2024-25 के लिए कुल परिचालन लागत 2.63 लाख करोड़ रुपये रही है। इसी को देखते हुए रेलवे नें अपने किराये में बढञोतरी की है। अब देखना होगा कि आम जनता की जेब पर और कितना बोझ बढ़ेगा और रेलवे को कितना मुनाफा होगा।









