यूपी में योगी सरकार विकास की गाड़ी पर सवार होकर जनता के लिए काम कर रही है। जिसमें की बीजेपी का पूरा फोकस अब महिलाओं के ऊपर रहता है। केंद्र से लेकर योगी सरकार तक ने महिलाओं को योजनाओं में सबसे ज्यादा तवज्जो दी है। अब इसी कड़ी में योगी सरकार ने विवाहित महिलाओं के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है।
योगी सरकार का महिलाओं के लिए एक और तोहफा
योगी आदित्याथ सरकार ने विवाहित महिलाओं को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। विवाहित महिलाओं के लिए राशन कार्डों में अपनी यूनिट का ट्रांसफर करवाना अब और भी आसान होगा। सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइन बनाई है, जिससे विवाहित महिलाओं को अब मायके से अपनी ससुराल के राशन कार्ड में अपना नाम (यूनिट) जुड़वाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और न ही ससुराल के राशन कार्ड में उसकी यूनिट जुड़ने तक मायके के कार्ड से उसे निरस्त किया जाएगा। यूपी सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग को इस संबंध में गाइडलाइन जारी की है।
खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद ने इसको लेकर खाद्य आयुक्त के साथ ही सभी जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि शादी के बाद महिला लाभार्थियों के नाम उसी जिले के दूसरे क्षेत्र में या फिर दूसरे जिले में उसकी ससुराल के राशन कार्ड में जोड़ने के आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हैं। उनके यूनिट ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।

ऑनलाइन आवेदन से होगी आसानी
नई गाइडलाइन के मुताबिक, विवाहित महिला के ऑनलाइन आवेदन पर पूर्ति विभाग सीधे मायके के राशन कार्ड से उसकी यूनिट को ससुराल के राशन कार्ड में ट्रांसफर कर देगा। यूनिट ट्रांसफर के लिए महिला को मायके के राशन कार्ड की संख्या, वहां के दुकानदार का नाम, ससुराल के राशन कार्ड की संख्या, वहां के दुकानदार का नाम और आधार कार्ड नंबर के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

नई व्यवस्था का आदेश
नई व्यवस्था के तहत अगर महिला की ओर से जानकारी दी जाती है कि उसकी ससुराल में राशन कार्ड नहीं बना है और वह परिवर राशन कार्ड की पात्रता श्रेणी में आता है, तो उस परिवार का नया राशन कार्ड बना कर उसमें विवाहित महिला की यूनिट मायके के राशन कार्ड से स्थानांतरित की जाए। अगर विवाहित महिला की ससुराल से संबंधित परिवार राशन कार्ड की पात्रता श्रेणी में नहीं आता है, तो उस महिला की यूनिट मायके के राशन कार्ड से निरस्त की जाए।
योगी आदित्यनाथ की इस पहले से सूबे की विवाहित महिलाओं को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। लेकिन क्या इसका प्रॉसेस इतना आसान होगा, यो तो वक्त बाताएगा।









