कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। वैसे ऐसा लगता है कि कांग्रेस के ज़्यादातर नेता कुछ ऐसा कर जाते है, जिससे वो चर्चा में आ जाते हैं। हम बात कर रहे हैं कंग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह की जिन्होंने X पर एक ऐसा पोस्ट किया था,जिससे कांग्रेस के अंदर तो खलबली मच गई है, दूसरी तरफ इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा काफी ज़्यादा हो रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर पार्टी के भीतर ही सियासी संग्राम छिड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने RSS और BJP का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के संगठन में सुधार की आवाज उठाई, जिसपर कांग्रेस के कई नेताओं ने ही आपत्ति जताई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी अब इस बहस में पड़े हैं।

रेवंत रेड्डी ने दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना
रेवंत रेड्डी ने बिना नाम लिए दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1991 में पीवी नरसिम्हा राव और 2004, 2009 में डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर बहुत अच्छा फैसला लिया था। रेवंत रेड्डी के अनुसार, “अगर हम सोनिया गांधी के नेतृत्व पर नजर डालें तो हमें पता चलेगा कि तेलंगाना के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था। सोनिया गांधी ने मशहूर अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री बनाया था।”

दिग्विजय सिंह की पोस्ट से कैसे शुरू हुई सियासत?
बता दें कि दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस की संगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे मौजूदा राजनीतिक हालात से जोड़कर समझ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिग्विजय सिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को कोई संदेश या नसीहत देना चाह रहे हैं। दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि क्या उनका इशारा कांग्रेस संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी की ओर है। यह सवाल अब सिर्फ पार्टी के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी तेजी से उठ रहा है।









