चुनाव आते ही राज्य में सियासी पारा चढ़ना शूरु हो जाता है। पश्मित बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभ चुनाव को लेकर सियासत अपने चरम पर है। बंगाल में चुनाव आते ही पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार और ‘आधुनिक युग के चाणक्य’ कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुँच चुके हैं।
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार और ‘आधुनिक युग के चाणक्य’ कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर कोलकाता पहुँच चुके हैं। 2026 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शाह का यह दौरा न केवल सांगठनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि विरोधियों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

अमित शाह ने ममता सरकार पर हमला
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। साथ ही अमित शाह ने साल 2026 में बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया है। अमित शाह ने कहा, ‘आज से अप्रैल तक बंगाल के लिए यह एक अहम समय है क्योंकि तब राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे। बंगाल में TMC सरकार के पिछले 15 सालों में राज्य ने घुसपैठ के कारण डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखी है।’
पश्चिम बंगाल में विकास की रफ्तार को ममता सरकार ने रोका
ममता पर हमलावर होते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘राज्य में टीएमसी के नेतृत्व वाली सरकार में भ्रष्टाचार के कारण पश्चिम बंगाल में विकास रुक गया है। मोदी जी द्वारा शुरू की गई सभी फायदेमंद योजनाएं यहां टोल सिंडिकेट का शिकार हो गई हैं। पिछले 14 सालों से डर और भ्रष्टाचार पश्चिम बंगाल की पहचान बन गए हैं।’

‘बंग भूमि‘ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण
अमित शाह ने कहा, ’15 अप्रैल 2026 के बाद जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनेगी, तो हम बंगाल की विरासत और संस्कृति को फिर से जिंदा करेंगे। यह ‘बंग भूमि’ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बीजेपी का गठन डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किया था, जो यहां के एक बड़े नेता थे।’
बंगाल की अगर बात करें तो सही मायने में बंगाल अभी भी बीजेपी के लिए बहुत दूर की कौड़ी नज़र आता है। क्योंकि बंगाल में बीजेपी हर साल चुनाव तो पूरी ताकत से लड़ती है, लेकिन उसको परिणाम अपने वो नहीं मिलता है जो उसको मिलना चाहिए। अभी तक बीजेपी नें बंगाल में विधानसभा चुनाव जीत नहीं सकी है और एक बार फिर से अब बीजेपी का शार्ष नेतृत्व अपी पूरी ताकत झोंकना शूरप कर चुका है। अब अगले साल अप्रैल तक क्या होगा बंगाल में क्या होगा ये सबके सामने आ जाएगा।









