राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड AI2379 में 300 फीट नीचे गिरा विमान, 17 घायल; एक मिनट में तीन हाइड्रोलिक अलर्ट के बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट
राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड AI2379 में 300 फीट नीचे गिरा विमान, 17 घायल; एक मिनट में तीन हाइड्रोलिक अलर्ट के बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट

Shine Scheme in Assam: असम में ‘नारी शक्ति’ का उदय। ‘शाइन’ योजना से 40 लाख महिलाओं के सपनों को मिली उड़ान!

“क्या आपने कभी सोचा था कि असम के सुदूर गांवों की महिलाएं ग्लोबल मार्केट को लीड करेंगी? कल तक जो हाथ सिर्फ रसोई संभालते थे, आज वो लाखों का टर्नओवर संभाल रहे हैं। ‘शाइन’ योजना ने असम की 40 लाख महिलाओं को वो पंख दिए हैं, जिससे उन्होंने आसमान छू लिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि स्वाभिमान की एक नई लहर है!”

असम की धरती पर आज एक नई क्रांति की गूंज सुनाई दे रही है—एक ऐसी क्रांति जो बंदूकों से नहीं, बल्कि स्वावलंबन और आर्थिक आजादी से उपजी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में असम सरकार ने राज्य की 40 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘शाइन’ योजना के तहत बीज पूंजी वितरण की प्रक्रिया में ऐतिहासिक तेजी ला दी है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि असम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने वाला एक ‘महा-अभियान’ साबित हो रहा है।

सरकार की इस पहल ने उन महिलाओं के हाथों में ताकत दी है जो अब तक केवल घर की चहारदीवारी तक सीमित थीं। ‘शाइन’ योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रारंभिक पूंजी प्रदान करना है। सरकार ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि बीज पूंजी की राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों के खातों में पहुंचे, ताकि काम शुरू करने में कोई देरी न हो। गुवाहाटी से लेकर सुदूर माजुली तक, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं में इस वितरण को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। जहां 40 लाख महिलाओं का लक्ष्य यह दर्शाता है कि यह योजना राज्य के हर कोने, हर गांव तक पहुंच रही है।

वित्तीय सहायता: योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी 40 लाख महिलाओं को सीधे बैंक खातों में वित्तीय मदद पहुँचाई गई है।

लखपति दीदी का लक्ष्य: योजना का मुख्य उद्देश्य हर महिला उद्यमी की वार्षिक आय को ₹1 लाख से ऊपर ले जाना है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, असम में अब तक 12 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में आ चुकी हैं।

 कृषि और पशुपालन: ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने मशरूम की खेती और मुर्गी पालन के जरिए रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है।

फिलहाल असम की ‘शाइन’ योजना ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे नेक हों और नीति स्पष्ट, तो बदलाव आने में देर नहीं लगती। 40 लाख महिलाओं के चेहरों पर यह मुस्कान केवल एक शुरुआत है—एक समृद्ध, स्वावलंबी और ‘शाइनिंग’ असम की शुरुआत!

Comments are closed.

और पढ़ें