Off The Record News Desk- Lucknow
लखनऊ एयरपोर्ट के आसपास अवैध निर्माण, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधित समस्याओं पर अब कड़ी निगरानी होगी। एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट एक्शन ग्रुप का गठन किया गया है। दरअसल, बीते सप्ताह मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हवाई अड्डा पर्यावरण समिति की बैठक हुई थी।
बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पांच किलोमीटर के दायरे में हाईराइज बिल्डिंग बनाने से पहले एलडीए से अनिवार्य रूप से एनओसी लेनी होगी। इतना ही नहीं सार्वजनिक जगहों पर कूड़े का ढेर और कचरा फेंकना, एयरपोर्ट के आसपास ऊंचे पेड़, जो विमानों के लिए एक खतरा बन सकते हैं जैसी प्रमुख समस्याओं पर एक्शन ग्रुप ने चर्चा की।
बैठक में अहम फैसले
हाल ही में कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में हवाई अड्डा पर्यावरण समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में कमिश्नर ने प्रमुख विभागों का संयुक्त एक्शन ग्रुप बनाने का निर्देश दिया था। एयरपोर्ट के सीएए दर्शन सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट एक्शन ग्रुप की पहली बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हवाई अड्डे के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में अब संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। ऊंची बिल्डिंगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि एयरपोर्ट के पास अनाधिकृत रूप से बनीं इमारतें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े का ढेर और कचरा फेंकना, एयरपोर्ट के आसपास ऊंचे पेड़, जो विमानों के लिए एक खतरा बन सकते हैं आदि प्रमुख समस्याएं हैं जिन पर एक्शन ग्रुप ने चर्चा की। बैठक में एसडीएम सरोजनीनगर अंकित शुक्ला, एलडीए जोन-दो के जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी, नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा, जोनल अधिकारी अजित राय के अलावा एलआईयू और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
इन सभी समस्याओं को हल करने के लिए यह तय किया गया है कि हर महीने के दूसरे बुधवार को सभी विभाग मिलकर संयुक्त निरीक्षण करेंगे। इस पहल का उद्देश्य हवाई यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करना है।
अमौसी ओवर ब्रिज से हटेंगे ऑयल टैंकर
एयरपोर्ट की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक की दिक्कतों पर भी हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका पर सुनवायी के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि अमौसी ओवर ब्रिज पर गैर कानूनी तरीके से खड़े ऑयल टैंकरों को हटाने के लिए डीसीपी, ट्रैफिक ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर की तारीख नियत करते हुए, डीसीपी ट्रैफिक से कार्यवाही की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई पर सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मौजूद रहने का भी आदेश दिया गया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजीव शुक्ल की पीठ ने यह आदेश शिव मोहन की जनहित याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया है कि अमौसी ओवर ब्रिज पर गैर कानूनी तरीके से ऑयर टैंकर पार्क होते है,जिनके कारण न सिर्फ ट्रैफिक की असुविधा होती है, बल्कि खतरा भी उत्पन्न हो रहा है।









