बिहार का पूर्वी चंपारण जिला एक बार फिर वैश्विक पटल पर चमकने जा रहा है। केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर में आगामी 17 जनवरी को दुनिया के सबसे बड़े सहस्त्रलिंगम (शिवलिंग) की स्थापना की जाएगी। यह शिवलिंग अपनी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण अद्वितीय है, क्योंकि इसके मुख्य विग्रह पर 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग नक्काशी के जरिए उकेरे गए हैं।
महावीर मंदिर न्यास के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत इस मंदिर को कंबोडिया के ‘अंकोरवाट मंदिर’ से भी विशाल और भव्य बनाया जा रहा है। 17 जनवरी को होने वाला यह कार्यक्रम इस मंदिर निर्माण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी (कलेक्टर) ने स्वयं आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान विराट रामायण मंदिर के सचिव ललन सिंह से आयोजन को लेकर जानकारी ली। साथ ही वीआईपी पंडाल, गाडी पार्किंग व आवागमन को लेकर भी चर्चा की। साथ ही उक्त स्थल का निरीक्षण भी किया। हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक एवं पुष्प वर्षा के समय की भी जानकारी ली।
वहीं शिवलिंग की पूजा करने आ रहे भक्तों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस बल लगाने का निर्देश दिया। मौकै पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र गुप्त बैठा,थानाध्यक्ष विनीत कुमार सहित हजारों भक्त एवं पुलिस बल मौजूद थे।

स्थानीय निवासियों और बिहार के कोने-कोने से आने वाले शिव भक्तों में इस दिन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर समिति के अनुसार, शिवलिंग की स्थापना के दौरान विशेष अनुष्ठान और जलाभिषेक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के कई बड़े संत और विद्वान शिरकत करेंगे।









