Supreme Court On Street Dogs: देश की सड़कों पर बेखौफ घूमने वाले आवारा कुत्तों के आतंक और उनसे होने वाली मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब मासूमों की जान जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Supreme Court On Street Dogs: राज्य सरकारों को भरना होगा भारी जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि आवारा कुत्तों के काटने से किसी की मौत होती है, तो संबंधित राज्य सरकार को भारी जुर्माना भरना होगा। अब यह फैसला उन परिवारों के लिए ‘न्याय की किरण’ बनकर आया है, जिन्होंने प्रशासन की लापरवाही के कारण अपने प्रियजनों को खोया है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि, लंबे समय से देश के विभिन्न हिस्सों से कुत्तों के हमलों की डरावनी खबरें आती रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती से अब ज़मीनी स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। जहाँ अब तक नगर निगम और स्थानीय निकाय पल्ला झाड़ लेते थे, लेकिन अब भारी जुर्माने के डर से उन्हें सड़कों को सुरक्षित बनाना ही होगा। (Supreme Court On Street Dogs)
प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
देखा जाए तो कोर्ट के कड़े रुख के बाद अब आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के कार्यक्रमों में सुस्ती नहीं बरती जा सकेगी। आपको बताते चलें कि, यदि अब कोई दुर्घटना होती भी है, तो पीड़ित परिवार को दर-दर नहीं भटकना होगा। राज्य की ही जिम्मेदारी होगी कि उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करे।
सोशल मीडिया से लेकर गलियों तक, लोग सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। बुजुर्गों, सुबह की सैर पर जाने वालों और छोटे बच्चों के माता-पिता ने इसे एक ‘ऐतिहासिक और सुरक्षा देने वाला कदम’ बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डर से कि “खजाना खाली होगा”, अब सरकारी मशीनरी हरकत में आएगी और सड़कों से ‘कुत्तों के खौफ’ का खात्मा होगा। फिलहाल, अब पार्क हों या मोहल्ले की गलियां, आपके बच्चे बेखौफ खेल सकेंगे। कानून की ढाल अब आपके साथ है!” (Supreme Court On Street Dogs)









