बिहार की राजनीति में ‘सोशल मीडिया वॉर’ एक बार फिर अपने चरम पर है। लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने एक बार फिर अपने तीखे तेवरों से विरोधियों के खेमे में खलबली मचा दी है। रोहिणी ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया है, जिसने सीधे तौर पर बिहार की सत्ता में बैठे करीबियों और विरोधियों की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

“बिहार की सियासत में जब-जब खामोशी छाती है, रोहिणी आचार्य का एक ‘डिजिटल बम’ सारा सन्नाटा तोड़ देता है। आज रोहिणी ने अपने ताजा पोस्ट के जरिए न केवल ‘गिद्ध’ जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि यह साफ चेतावनी भी दे दी कि ‘पब्लिक सब जानती है’। बिना नाम लिए किए गए इस वार ने पटना से दिल्ली तक कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। क्या रोहिणी का इशारा उन ‘भीतरघातियों’ की ओर है जो गठबंधन की जड़ों को खोखला कर रहे हैं, या फिर यह सीधा हमला उन बड़े चेहरों पर है जो जनता के भरोसे को अपनी स्वार्थ-सिद्धि का जरिया बना रहे हैं? रोहिणी के इस एक पोस्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भले ही वह सिंगापुर में हों या पटना में, उनकी पैनी नजर बिहार की पल-पल की बदलती राजनीति पर टिकी है।”
बिहार की सियासत के लिए आज का दिन काफी अहम रहा। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकल पड़े, तो दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भी अपने सरकारी आवास पर राजद की कोर कमेटी की मीटिंग बुलाई। उनकी मीटिंग के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, इस बीच राजद और लालू परिवार (Lalu Family) से अलग हो चुकीं रोहिणी ने भी बिना नाम लिए भाई पर निशाना साध दिया। रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट रूप से तेजस्वी की मीटिंग को ‘दिखावा’ करार दिया।

रोहिणी का X पोस्ट
रोहिणी ने अपने X पोस्ट में लिखा, “अपनों के बीच छिपे उन गिद्धों को पहचानिए जो सिर्फ मौका देखकर झपटने को तैयार हैं। चेहरे की मुस्कान और शब्दों की चाशनी से हकीकत नहीं बदलती, पब्लिक अब सब जानती है।” उनके इस बयान को हाल ही में कुछ नेताओं द्वारा पाला बदलने की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

अंदरूनी कलह के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महागठबंधन के भीतर कुछ विशेष पदों या टिकटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। रोहिणी का यह गुस्सा उन्हीं ‘अपनों’ पर फूट रहा है जो पार्टी की रणनीति को सार्वजनिक या कमजोर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एक्टिव मोड में रोहिणी
रोहिणी आचार्य पिछले कुछ समय से बीजेपी और जेडीयू सरकार की नीतियों पर लगातार हमलावर रही हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराध और सरकारी नियुक्तियों में धांधली के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा था।
“रोहिणी आचार्य का यह ‘बम’ महज एक भावनात्मक पोस्ट नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक चेतावनी मानी जा रही है। ‘गिद्ध’ शब्द का प्रयोग करके उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह पार्टी के भीतर या बाहर किसी भी तरह की साजिश को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि इस ‘एक्स’ वार के बाद जेडीयू और बीजेपी की ओर से क्या पलटवार आता है और क्या रोहिणी जल्द ही किसी बड़े खुलासे के साथ सामने आएंगी। फिलहाल, बिहार की जनता और सियासी गलियारे इस पहेली को सुलझाने में जुटे हैं कि आखिर ये ‘गिद्ध’ हैं कौन?”









