Bihar Politics: बिहार की राजनीति में क्या बिना बाहुबल के चुनावी वैतरणी पार नहीं की जा सकती? क्या सुशासन का दावा करने वाली सरकार की जड़ें आज भी उन्हीं बाहुबलियों के सहयोग पर टिकी हैं जिन्हें कभी ‘जंगलराज’ का प्रतीक बताया जाता था? आज विधानसभा से आई एक तस्वीर ने इन तमाम सवालों को फिर से जिंदा कर दिया है।
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का प्रभाव
मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, जो हाल ही में जेल से बाहर आए हैं, आज विधानसभा पहुंचे। लेकिन खबर उनके पहुंचने की नहीं, बल्कि उस मंजर की है जिसने सबको हैरान कर दिया। अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और बदले में मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए उनके सिर पर हाथ रखा। (Bihar Politics)

इस वीडियो को देखकर ऐसा लगता है मानो कोई बाहुबली कोई बड़ा ‘किला फतह’ करके लौटा हो और अपने साम्राज्य को विस्तार देने के लिए सत्ता के द्वार पर आशीर्वाद ले रहा हो। यह तस्वीर बिहार की राजनीति के उस कड़वे सच का ‘जीता-जागता प्रमाण’ है जहाँ, बिना सत्ता के सहयोग के ऐसे बाहुबलियों का वजूद शायद ही बच पाए, लेकिन जब सत्ता ही हाथ थाम ले, तो इनका रसूख और भी ज्यादा पनपने लगता है।
यह खबर केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि बिहार की राजनैतिक दिशा पर एक बड़ा सवाल है। कि, जहाँ आम जनता जो एक अपराध-मुक्त बिहार का सपना देखती है, क्या वह इन तस्वीरों को देखकर खुद को ठगा हुआ महसूस नहीं करेगी? (Bihar Politics)









