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अयोध्या में ‘धर्मयुद्ध’! संतों के बीच छिड़ी जंग, अविमुक्तेश्वरानंद के लिए बंद हुए रामनगरी के द्वार!

Swami Avimukteshwarananda Saraswati

Swami Avimukteshwarananda Saraswati: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद शांत दिख रही अयोध्या की हवाओं में आज अचानक ‘प्रतिशोध’ और ‘चेतावनी’ की गर्माहट घुल गई है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ अब रामनगरी में ही मोर्चा खुल गया है और यह मोर्चा किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि अयोध्या के ही एक कद्दावर पीठाधीश्वर ने खोला है।

परमहंस आचार्य का कड़ा रुख (Swami Avimukteshwarananda Saraswati)

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने एक बेहद कड़ा और डरावना रुख अपनाते हुए अविमुक्तेश्वरानंद को सीधी धमकी दे डाली है। आपको बता दें कि, यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दिए गए एक कथित बयान के बाद भड़का है। परमहंस आचार्य ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर अविमुक्तेश्वरानंद अयोध्या की सीमा में कदम रखते हैं, तो उनका पुरजोर विरोध होगा। उन्होंने इसे ‘सनातन के सम्मान’ की लड़ाई करार दिया है। (Swami Avimukteshwarananda Saraswati)

अखाड़ों और छावनियों में हलचल

यह खबर इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि यहाँ मुकाबला दो बड़े सनातनी चेहरों के बीच है। एक तरफ शंकराचार्य की पदवी का सम्मान है, तो दूसरी तरफ अयोध्या के संतों का रोष। परमहंस आचार्य का लहजा इतना सख्त है कि उन्होंने इसे एक ‘युद्ध’ की संज्ञा दे दी है। उनके अनुसार, महापुरुषों और संतों का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और अब इस बयान के बाद अयोध्या के अन्य अखाड़ों और छावनियों में भी हलचल तेज हो गई है। क्या यह विवाद शांत होगा या फिर यह सनातन के भीतर एक बड़ी दरार पैदा कर देगा?

यह खबर हमें सोचने पर मजबूर करती है कि जब धर्म के रक्षक ही आमने-सामने हों, तो आस्था और राजनीति का संगम किस दिशा में जाता है। (Swami Avimukteshwarananda Saraswati)

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