Sant Sammelan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की प्रगति और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, जो कभी एक ‘बीमारू’ राज्य माना जाता था, अब भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक “ब्रेकथ्रू” (बड़ी उपलब्धि) बन गया है और विकास के नए पथ पर अग्रसर है।
Sant Sammelan: बद्रीनाथ और केदारनाथ हैं राष्ट्र की आत्मा
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम न केवल देश के आध्यात्मिक केंद्र हैं बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्रीय बिंदु भी हैं। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम केवल आध्यात्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्रबिंदु भी हैं। राष्ट्र को शक्ति यहीं से मिलती है। हमने इन केंद्रबिंदुओं को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाया है। (Sant Sammelan)

हमने इनकी विरासत का सम्मान और संरक्षण किया है। और इसका परिणाम यह है कि कभी कुपोषित राज्य रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति ला रहा है और प्रगति के नए पथ पर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश में अब न कर्फ्यू है, न दंगे, सब कुछ ठीक है।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान, वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री एमएल खट्टर और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ गुरुदेव समाधि मंदिर में मूर्ति स्थापना की। (Sant Sammelan)
मुख्यमंत्री धामी का संतों को नमन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यहां उपस्थित सभी संत, आध्यात्मिक नेता और भक्त सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं और गंगा के पवित्र तट पर स्थित पवित्र सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्रित होकर वे राष्ट्र और संस्कृति में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन महान हस्तियों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय कर्तव्य, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित कर दिया, वे केवल तपस्वी नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय चेतना से जुड़े दिव्य संत थे। (Sant Sammelan)

इस दौरान कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज, महामंडलेश्वर विशोकानंद, महंत देवानंद सरस्वती और महंत नारायण गिरि महाराज समेत बड़ी संख्या में संत, जन प्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए।









