लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र ( UP Assembly Budget Session) शुरू होने से पहले ही राजधानी में सियासी पारा चरम पर पहुँच गया है। सोमवार को सत्र की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधानसभा परिसर में जमकर बवाल किया। सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे सदन के भीतर और बाहर इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को आसानी से छोड़ने वाले नहीं हैं।
मणिकर्णिका और आस्था का मुद्दा: सपा का तीखा प्रहार
सपा कार्यकर्ताओं और विधायकों का सबसे गंभीर आरोप लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की मणिकर्णिका को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर मणिकर्णिका को तुड़वाकर जनता की आस्था और विरासत के साथ खिलवाड़ कर रही है। सपा विधायकों ने इसे न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया, बल्कि इसे एक विशेष वर्ग की पहचान मिटाने की साजिश करार दिया। विधायकों ने चिल्ला-चिल्लाकर सरकार से इस पर तुरंत स्पष्टीकरण देने और तोड़फोड़ रोकने की मांग की, जिससे विधानसभा परिसर काफी देर तक गूंजता रहा।
किसानों की जमीन और SIR पर छिड़ी रार
आस्था के साथ-साथ किसानों के मुद्दे पर भी सपा ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। विधायकों ने तख्तियां दिखाकर आरोप लगाया कि SIR (Special Investment Region) के नाम पर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। सपा का दावा है कि इस परियोजना के बहाने जबरन किसानों की उपजाऊ जमीनों को उनसे छीना जा रहा है, जिससे अन्नदाता के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने स्पष्ट किया कि किसानों की जमीन और उनके हक के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
महंगाई, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा पर घेरा
सत्र ( UP Assembly Budget Session) की शुरुआत से पहले हुए इस हंगामे में महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दे भी छाए रहे। विधायकों ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है और युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, सपा ने इस जोरदार प्रदर्शन के जरिए बजट सत्र की बेहद हंगामेदार शुरुआत के संकेत दे दिए हैं।









