UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला
UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला

ट्रंप का ‘मास्टरस्ट्रोक’ या गाजा की घेराबंदी? 5 अरब डॉलर के पीछे छिपी ‘सफेद तबाही’!

Board of Peace

Board of Peace: दुनिया के सबसे ताकतवर और अप्रत्याशित नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने फैसले से वैश्विक राजनीति में भूकंप ला दिया है। खबर है कि ट्रंप प्रशासन ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर की भारी-भरकम सहायता राशि का वादा किया है। 19 फरवरी को होने वाली ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं, जहाँ इसकी आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।

‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’: क्या शांति के बहाने गाजा में उतरेंगे अमेरिकी बूट? (Board of Peace)

दिखने में यह गाजा के खंडहरों को फिर से खड़ा करने की एक मानवीय पहल लग सकती है, लेकिन कूटनीति की परतों के नीचे सवाल गहरा है—क्या अमेरिका सुरक्षा के नाम पर गाजा की जमीन पर अपनी सेना की छाप फिर से छोड़ना चाहता है? इतिहास गवाह है कि जब भी अमेरिका भारी निवेश लेकर किसी युद्धग्रस्त क्षेत्र में उतरता है, तो पीछे-पीछे उसके बूटों की धमक भी सुनाई देती है। पुनर्निर्माण के बहाने सुरक्षा नियंत्रण अपने हाथ में लेना ट्रंप की ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ यानी शक्ति के जरिए शांति नीति का हिस्सा हो सकता है। (Board of Peace)

इराक के लिए खतरे की घंटी

अगर अमेरिका गाजा में अपनी जड़ें फिर से जमाता है, तो इसका सबसे बड़ा असर इराक पर पड़ने वाला है। इराक को अब पहले से कहीं ज्यादा चौकन्ना होना पड़ेगा। क्यूंकि अमेरिका का इतिहास रहा है कि जब भी उसने कदम पीछे खींचकर दोबारा मैदान में वापसी की है, वह विरोधियों के लिए ‘काल’ साबित हुआ है। और गाजा में अमेरिकी मौजूदगी का मतलब है कि मिडिल ईस्ट के पूरे पावर स्ट्रक्चर में वाशिंगटन का दबदबा फिर से कायम होना, जिससे इराक और ईरान जैसे देशों की रातों की नींद उड़ सकती है। (Board of Peace)

यह अमेरिका है; यहाँ ‘मदद’ अक्सर ‘नियंत्रण’ का दूसरा नाम होती है। क्या गाजा इस सुनहरे जाल को समझ पाएगा, या फिर इतिहास खुद को दोहराने वाला है?

Comments are closed.

और पढ़ें