White-Collar Terror Probe: देश की राजधानी को दहलाने और सरहद से लेकर शहरों तक आतंक का जाल बिछाने वाली एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। लाल किले के बाहर हुए उस खौफनाक कार धमाके की जांच अब एक ऐसे मोड़ पर आ गई है, जहाँ रक्षक ही भक्षक बनकर सामने आए हैं।
White-Collar Terror Probe: कट्टरपंथ की अंधी गलियों से तबाही के मंजर तक
जांच में खुलासा हुआ है कि लाल किले के बाहर 10 नवंबर को जिस बारूद से भरी कार ने एक दर्जन से ज्यादा मासूमों की जान ली थी, उसका स्टीयरिंग कोई साधारण आतंकी नहीं, बल्कि डॉ. उमर-उन नबी थामे हुए था। डॉ. उमर 2016 से ही कट्टरपंथ की अंधी गली में उतर चुका था। और उसने 2016 और 2018 में भी आतंकी गुटों से जुड़ने की कोशिश की थी, लेकिन तब वह नाकाम रहा। (White-Collar Terror Probe)
सुरक्षा एजेंसियों (NIA) के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टरों ने मिलकर ‘अंसार अंतरिम’ नाम से एक नया और बेहद शातिर आतंकी संगठन खड़ा किया था। इनका मकसद केवल कश्मीर नहीं, बल्कि पूरे देश में तबाही मचाना था। यह एक ‘व्हाइट-कॉलर टेरर’ मॉड्यूल है, जहाँ पढ़े-लिखे पेशेवर लोग अपनी बुद्धि का इस्तेमाल विनाश के लिए कर रहे थे। (White-Collar Terror Probe)









