लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के लाखों शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और किसानों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। सीएम ने न केवल मानदेय में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के लिए कई नई योजनाओं की नींव भी रखी। मुख्यमंत्री का यह संबोधन आगामी चुनावों और प्रदेश के ‘शिक्षा मॉडल’ को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
शिक्षा जगत के लिए ‘ऐतिहासिक’ फैसले
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उनके मानदेय में बड़ी वृद्धि की है:
- मानदेय में वृद्धि: शिक्षामित्रों को अब ₹10,000 की जगह ₹18,000 प्रति माह मिलेंगे। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
- अनुदेशकों को राहत: अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर ₹17,000 कर दिया गया है।
- कैशलेस इलाज: प्रदेश के शिक्षकों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस इलाज की सुविधा भी शुरू की जाएगी।
- बुनियादी ढांचा: जहाँ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय बनाने के लिए ₹580 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
यूनिवर्सिटी और पेटेंट: बदलती शिक्षा की तस्वीर
सीएम योगी ने उच्च शिक्षा में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले 6 मंडलों में एक भी विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन आज निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों को भी यूपी में आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने 5,000 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए हैं, जिनमें से 300 स्वीकृत भी हो चुके हैं।
डिजिटल उद्यमी और महिला सशक्तिकरण
ग्रामीण विकास के लिए सीएम ने ‘डिजिटल एन्टरप्रेन्योर योजना’ की घोषणा की:
- इसके तहत गांवों में 8,000 डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिनमें 50% आरक्षण महिलाओं के लिए होगा।
- महिला उद्यमियों के लिए ‘विपणन उद्योग केंद्र’ (सी-मार्ट की तर्ज पर) स्थापित किए जाएंगे।
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए संस्थागत प्रसव की व्यवस्था हेतु ₹1,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
अन्नदाता को ‘फ्री बिजली’ और सोलर का साथ
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए सीएम ने विपक्ष पर जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा:
- यूपी के 16 लाख किसानों को फ्री बिजली दी जा रही है।
- किसानों को बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सोलर पैनल भी दिए जाएंगे।
- कृषि एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए बजट में ₹100 करोड़ रखे गए हैं।
चुटकी भरा अंदाज: सीएम योगी ने सदन में चुटकी लेते हुए कहा कि “आज ‘खेती की बात खेत में’ होती है, हालांकि हमारे कृषि मंत्री की सेहत यह नहीं बताती कि वे खुद खेती करते होंगे।” इस बयान पर सदन में हंसी के ठहाके भी गूंजे।









