IAF Tejas Fighter Jet Accident: आज सवाल भारत की सुरक्षा का है। सवाल उस भरोसे का है जो हम अपने लड़ाकू विमानों पर करते हैं। आज देश के माथे पर चिंता की लकीरें हैं क्योंकि भारत का गौरव कहा जाने वाला ‘तेजस’ रनवे पर ही हांफ गया!
IAF Tejas Fighter Jet Accident: रनवे पर थमी ‘तेजस’ की रफ्तार
एक ऐसा हादसा जिसने रक्षा मंत्रालय से लेकर वायुसेना मुख्यालय तक हड़कंप मचा दिया है। लैंडिंग के दौरान तेजस का ब्रेक फेल हो गया और वह बेकाबू होकर रनवे से आगे निकल गया। गनीमत रही कि पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन इस हादसे ने उन दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं जिनमें हम खुद को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य शक्ति कहते हैं!
यह तस्वीरें विचलित करने वाली हैं। आसमान में दुश्मन के छक्के छुड़ाने का दम भरने वाला तेजस आज जमीन पर लाचार खड़ा है। सेना ने आनन-फानन में सभी 30 तेजस विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। यानी हमारा एक पूरा बेड़ा अब ‘कबाड़’ की तरह हैंगर में खड़ा रहेगा। (IAF Tejas Fighter Jet Accident)

घटिया स्पेयर पार्ट्स या मेंटेनेंस में लापरवाही
अब जनता सवाल पूछ रही हैं! अभी कुछ ही दिन पहले रक्षा बजट में सरकार ने सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए खजाने का मुंह खोल दिया था। अरबों-खरबों रुपये नई तकनीकों और उपकरणों पर खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन क्या फायदा ऐसे भारी-भरकम बजट का, जब हमारे विमानों के ब्रेक तक सुरक्षित नहीं हैं? जो जहाज रनवे पर ठीक से दौड़ नहीं सकता, वह दुश्मनों के राडार से कैसे बचेगा? यह कैसी रक्षा है जो अपनों की ही जान जोखिम में डाल रही है? (IAF Tejas Fighter Jet Accident)
क्या यह घटिया क्वालिटी के स्पेयर पार्ट्स का नतीजा है? या फिर मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है? प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को ऐसे हादसों से बड़ा झटका लगा है। अगर हमारे स्वदेशी उपकरणों में ऐसी बुनियादी खामियां होंगी, तो युद्ध की स्थिति में हम किसके भरोसे रहेंगे? यह हादसा महज एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि हमारे डिफेंस सिस्टम की पोल खोलने वाली एक चेतावनी है!
आज पूरा देश जवाब मांग रहा है। सुरक्षा के साथ समझौता आखिर क्यों? जब बजट की कमी नहीं है, तो तकनीक में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे? (IAF Tejas Fighter Jet Accident)









