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Bihar Politics: बिहार की सियासत में ‘नीतीश युग’ का अंत, क्या अब चलेगा बीजेपी का ‘ब्रह्मास्त्र’?

Nitish Kumar


Bihar Politics: 
बिहार के राजनीतिक समंदर में ऐसी लहर उठी है जिसने बरसों पुराने किलों को हिला कर रख दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने दो दशकों तक बिहार की तकदीर और तस्वीर लिखने का दावा किया, अब ‘सुशासन बाबू’ से ‘माननीय सांसद’ बनने की राह पर हैं। उनके राज्यसभा नामांकन के साथ ही यह साफ हो गया है कि पटना के ‘अणे मार्ग’ (CM आवास) को अब नया वारिस मिलने वाला है।


Bihar Politics: नीतीश कुमार की विदाई का सफर

सबसे चौंकाने वाली खबर नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर है। चर्चा गरम है कि उन्हें बिहार का नया डिप्टी CM बनाया जा सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह हैं कि क्या यह नीतीश कुमार का अपनी राजनीतिक विरासत को सुरक्षित करने का आखिरी दांव है?

जैसे ही नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने की खबर फैली, जेडीयू (JDU) कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पटना स्थित पार्टी कार्यालय किसी युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने कुर्सियां तोड़ीं, फर्नीचर को आग के हवाले किया और अपने ही नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का सवाल एक ही है—”साहब, हमें किसके भरोसे छोड़ चले?” (Bihar Politics) 

अमित शाह और ललन सिंह की गुप्त ‘फ्लाइट’ मीटिंग

इस बीच, आसमान में भी सियासत की बिसात बिछाई जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेडीयू नेता ललन सिंह का एक ही फ्लाइट से दिल्ली जाना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। माना जा रहा है कि दिल्ली पहुँचते ही बिहार के अगले ‘बॉस’ के नाम पर मुहर लग जाएगी।

पहली बार बिहार की कमान पूरी तरह भाजपा (BJP) के हाथों में आने की संभावना है। सवाल यह है कि क्या भाजपा किसी यादव चेहरे पर दांव लगाकर विपक्ष के वोट बैंक में सेंध लगाएगी, या अमित शाह के पिटारे से कोई नया नाम निकलेगा? (Bihar Politics) 

नीतीश कुमार ने कभी लोकसभा सांसद रहते हुए बिहार की कमान संभाली थी, और आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है—वह राज्यसभा के रास्ते विदाई ले रहे हैं। लेकिन असली सस्पेंस अभी बाकी है: कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री? क्या बिहार की जनता इस बड़े बदलाव को स्वीकार करेगी या यह ‘पासा’ एनडीए (NDA) पर ही भारी पड़ेगा?

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