US-Israel-Iran War: दुनिया जब खाड़ी के बारूदी धुएं को देख रही है, तब भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा दांव चल दिया है। महीनों से समंदर की लहरों पर भटक रहे रूसी तेल टैंकर अब तेजी से भारतीय तटों की ओर रुख कर रहे हैं।
US-Israel-Iran War: रूसी टैंकरों का भारतीय तटों की ओर रुख
शिप ट्रैकिंग फर्मों के मुताबिक, रूस के दो विशाल तेल टैंकर ‘पारादीप’ और ‘वडिनार’ बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ तेल की खेप नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत की बदलती रणनीति का संकेत है।
भारत के पास फिलहाल सिर्फ 50 दिनों का कच्चा तेल बचा है। ऐसे में अगर खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई रुकी, तो देश में हाहाकार मच सकता था। लेकिन रूस ने ऐन वक्त पर मदद का हाथ बढ़ाकर खेल बदल दिया है। जब वैश्विक तेल सप्लाई बाधित होने का डर। रूस ने भारत को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति का भरोसा दिया है। (US-Israel-Iran War)
जहाँ एक तरफ भारत अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों की नजरें इस ‘रशियन ऑयल डील’ पर टिकी हैं। क्या भारत बिना किसी दबाव के इस सप्लाई को जारी रख पाएगा? इस स्थिति को और गहराई से समझने के लिए, आइए हम इसके अलग-अलग हिस्सों पर बात करते हैं। आप इनमें से किस विषय से शुरुआत करना चाहेंगे?









