Iran Israel US War: मध्य पूर्व की बिसात पर एक नई और खतरनाक चाल चली जा रही है। सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि ईरानी कुर्द मिलिशिया ने पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए अमेरिका से हाथ मिलाने की कोशिश की है।
Iran Israel US War: ईरानी सेना को कमजोर करने के लिए सैन्य मदद की मांग
खबरों के अनुसार, मिलिशिया समूहों ने हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क साधा है। इस चर्चा का मुख्य एजेंडा है—ईरानी सेना को कमजोर करना है। मिलिशिया समूह ने अमेरिका से सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी मांगी है। योजना है कि पश्चिमी ईरान के दुर्गम इलाकों में तैनात ईरानी सुरक्षा बलों पर सटीक और घातक हमले किए जाएं।
हालांकि अभी तक वॉशिंगटन ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन इस संभावित गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल मचा दी है। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका इस ऑपरेशन को हरी झंडी देता है, तो ईरान और अमेरिका के बीच सीधी जंग की आशंका बढ़ जाएगी। और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलेगी जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा, जिससे ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। (Iran Israel US War)
क्या यह ‘अदृश्य गठबंधन’ तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक है?
हिंद महासागर की ये लहरें अब सिर्फ पानी का शोर नहीं, बल्कि आने वाले किसी बड़े सैन्य तूफान की आहट दे रही हैं। एक तरफ ईरानी युद्धपोत का जलसमाधि लेना और दूसरी तरफ पश्चिमी ईरान में अमेरिकी दखल की सुगबुगाहट—ये संकेत हैं कि युद्ध की आग अब खाड़ी देशों की सीमाओं को लांघकर पूरे एशिया को अपनी चपेट में लेने को तैयार है। अगर यह ‘अदृश्य गठबंधन’ हकीकत में बदलता है, तो न केवल ईरान की आंतरिक सुरक्षा चरमराएगी, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था भी तेल की कीमतों की आग में झुलस सकती है। (Iran Israel US War)









