PM Modi on West Asia conflict: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में संबोधन के दौरान पश्चिम एशिया (West Asia) संघर्ष के बीच देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सात सशक्त समूहों (Empowered Groups) के गठन की घोषणा की। इन समूहों का मुख्य उद्देश्य युद्ध के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए एक ‘तेज़ और दूरगामी रणनीति’ पर काम करना है।
ये समूह मुख्य रूप से ईंधन (पेट्रोल-डीजल), प्राकृतिक गैस (LNG/LPG), उर्वरक आपूर्ति, सप्लाई चेन और मुद्रास्फीति (inflation) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इनका कार्य संकट के अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक प्रभावों के लिए रणनीति विकसित करना है। इन समूहों में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ और सरकारी अधिकारी शामिल हैं। (PM Modi on West Asia conflict)
PM Modi on West Asia conflict: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ‘तेज़ और दूरगामी’ रणनीति
संसद के ऊपरी सदन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा संकट ने पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। पश्चिम एशिया में हुए नुकसान से उबरने में दुनिया को काफी समय लगेगा। भारत पर इसका न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। सरकार लगातार बदलती स्थिति पर नजर रख रही है। सरकार अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक रूप से काम कर रही है। (PM Modi on West Asia conflict)
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत सरकार ने एक अंतरमंत्रालयी समूह का गठन किया है, जो नियमित रूप से बैठक करता है और हमारे आयात-निर्यात में आने वाली सभी समस्याओं का आकलन करता है। यह समूह आवश्यक समाधानों पर भी काम कर रहा है। कल सात सशक्त समूहों का गठन किया गया। यह समूह आपूर्ति श्रृंखला, पेट्रोल, डीजल, गैस, उर्वरक, मुद्रास्फीति और अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए एक त्वरित और व्यापक रणनीति के तहत काम करेगा। मुझे विश्वास है कि हम संयुक्त प्रयासों से स्थिति का बेहतर ढंग से सामना कर पाएंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर
वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे स्टेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरने वाले व्यापार मार्ग बाधित हो गए हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद तनाव और बढ़ गया।
इसके जवाब में, ईरान ने कई खाड़ी देशों में इजरायली और अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में और अधिक व्यवधान उत्पन्न हुआ और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक स्थिरता भी प्रभावित हुई। (PM Modi on West Asia conflict)
इसी बीच, आज विदेश मंत्रालय (MEA) ने क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र की बंदी और उड़ान प्रतिबंधों के बीच खाड़ी और पश्चिम एशिया से भारतीय नागरिकों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए व्यापक प्रयासों पर जोर दिया। दो भारतीय एलपीजी वाहक पोत, जग वसंत और पाइन गैस, रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं, जो ऊर्जा परिवहन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।









