Agra- Aligarh Expressway: उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ से आगरा के बीच एक नया 65 किलोमीटर लंबा ‘आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ बनने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद अलीगढ़ से आगरा का सफर महज एक घंटे में पूरा हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे भले ही अलीगढ़ और आगरा के बीच बन रहा है, लेकिन इसका सीधा फायदा दिल्ली-एनसीआर से लेकर मथुरा और बरेली तक होगा।
Agra- Aligarh Expressway: इस एक्सप्रेसवे की प्रमुख बातें-
- यह 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में 6-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
- पहला चरण अलीगढ़ में NH-509 से शुरू होकर हाथरस के असरोई गांव तक जाएगा।
- दूसरा चरण हाथरस से आगरा के खंदौली तक बनेगा, जहां यह यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
- परियोजना पर लगभग ₹1536 करोड़ से लेकर ₹2385 करोड़ तक खर्च का अनुमान बताया गया है।
- यह एक्सप्रेसवे हाथरस जिले के कई गांवों से होकर गुजरेगा और इससे पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
इस प्रोजेक्ट का फायदा सिर्फ आगरा और अलीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। इससे नोएडा, मथुरा, बरेली और आसपास के इलाकों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। (Agra- Aligarh Expressway)
रियल एस्टेट प्रभाव
एक्सप्रेसवे के निकट स्थित भूमि का मूल्य बढ़ने की संभावना है। एनएच-509 से असरोई की ओर 28 किलोमीटर के प्रथम चरण के खंड के किनारे के गांवों और कस्बों में आवास, दुकानों और सेवाओं की मांग बढ़ेगी। डेवलपर्स नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएँ शुरू कर सकते हैं। बुनियादी ढाँचे (सड़कें, उपयोगिताएँ) भी संभवतः इसके बाद शुरू होंगे। लेकिन ज़मीन मालिकों को उचित मुआवज़ा और एक स्पष्ट अधिग्रहण प्रक्रिया ज़रूरी होगी। इसके बिना, स्थानीय प्रतिरोध प्रगति में बाधा डाल सकता है। (Agra- Aligarh Expressway)
देखने योग्य चुनौतियाँ
- भूमि अधिग्रहण: इसमें कई गाँव शामिल हैं। किसानों और निवासियों को उचित मुआवज़ा चाहिए।
- पर्यावरण और परमिट: ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंज़ूरी आवश्यक है। पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जाना चाहिए।
- चरणबद्ध कार्यान्वयन: दोनों चरणों का अच्छी तरह से समन्वय होना चाहिए ताकि पूरा लाभ प्राप्त हो सके। किसी एक भाग में देरी से उपयोगिता प्रभावित होगी। (Agra- Aligarh Expressway)
2027 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। साल 2027 तक पूरी तरह से मार्ग तैयार होने की उम्मीद है। इसके लिए 49 फुटओवर ब्रिज (एफओबी) और अंडरपास भी बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही सुरक्षित और सुगम होगी। एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक व आर्थिक विकास भी तेज होने की संभावना है। (Agra- Aligarh Expressway)









