Akhilesh Yadav Attacks on BJP: समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को यह दावा किया कि केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। उन्होंने इसके लिए पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे संघर्ष को मुख्य कारण बताया, जिसकी वजह से तेल आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है।
Akhilesh Yadav Attacks on BJP: भाजपा पर पूंजीवाद और धर्मनिरपेक्षता के बहाने का आरोप
यादव ने कहा, ‘हाल ही में यह बात सामने आई है कि तेल कंपनियों को एक महीने में 30,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है, जिसका मतलब है कि इस घाटे की भरपाई के लिए आपकी जेब से पैसे निकालने की कोशिश की जा रही है। जैसे उन्होंने गैस सिलेंडर महंगे किए… अब डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ने वाली हैं। मैंने यह आज के अखबार में ही पढ़ा। भारतीय जनता पार्टी पूंजीवाद को बढ़ावा देती है।’
लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कहा, जब भाजपा का गठन हुआ था, तब इसके भीतर इस बात पर बहस हुई थी कि यह धर्मनिरपेक्ष होगी या नहीं। यादव ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और तेल विपणन कंपनियों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार को निशाना बनाया। (Akhilesh Yadav Attacks on BJP)
सपा प्रमुख ने कहा, ‘जब भाजपा का गठन हुआ, तो उसके भीतर इस बात पर बहस हुई कि क्या वह धर्मनिरपेक्ष होगी या नहीं। जब प्रस्ताव पारित हुआ, तो उन्होंने स्वीकार किया कि हम समाजवादी विचारधारा और धर्मनिरपेक्ष मार्ग अपनाएंगे, जो मात्र दिखावा था। असल में वे पूंजीवादी निकले। समाजवादी होने का दावा करने के लिए उन्होंने जेपी (जयप्रकाश नारायण) की तस्वीर का इस्तेमाल किया।’
EVM और स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल
इसी बीच, अखिलेश यादव ने शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के इस्तेमाल पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में हेरफेर किया जा सकता है। उन्होंने कहा,
‘लोकतंत्र में किसी भी चीज़ पर संदेह नहीं होना चाहिए। ईवीएम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संदिग्ध हैं। स्मार्ट मीटरों में हेराफेरी की जा सकती है… हम कल इंग्लैंड में मतदान के तरीके का समर्थन करेंगे। अगर आज नहीं तो कल, चाहे एक साल लगे या एक सदी, हम ईवीएम को खत्म कर देंगे।’ (Akhilesh Yadav Attacks on BJP)
मतदाता सूचियों और SIR पर सपा की रणनीति
अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच अनुशासित रहने और उत्साह और जोश में आकर कार्रवाई करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने कार्यकर्ताओं से अपील करूंगा कि वे जोश और उत्साह में बहकर किसी के भी कार्यालय में न जाएं। हमारे एक पत्रकार पूछ रहे थे कि आप लोग सड़क पर क्यों नहीं उतर रहे हैं? क्या हमें मतदाता सूची में बेईमानी बर्दाश्त करनी चाहिए?… वे चाहते हैं कि हम सड़क पर घूमें जबकि वे मतदाता सूची में बदलाव कर रहे हैं।’ (Akhilesh Yadav Attacks on BJP)
पश्चिम बंगाल चुनाव में मतदान सीसीटीवी फुटेज की मांग
इससे पहले 7 मई को अखिलेश यादव ने भारतीय चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान की सीसीटीवी फुटेज जारी करने की चुनौती दी थी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर अपने झूठ को छुपाने के लिए एक और झूठ बोलने का आरोप भी लगाया था। यादव ने 2022 में रामपुर उपचुनाव के दौरान हुई घटनाओं का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए बाहर आने से रोका गया था। (Akhilesh Yadav Attacks on BJP)
सपा नेता ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा, ‘भाजपा के लोग सीसीटीवी और कैमरों से बहुत डरते हैं। अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष है, तो कुंदरकी में हुए मतदान की सीसीटीवी फुटेज जनता को दिखाए। अगर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव दिखाई जा सकती है, तो बंगाल में हुए मतदान और मतगणना की सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं दिखाई जा सकती?’
मतदाता दमन का आरोप लगाते हुए यादव ने दावा किया कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया गया। (Akhilesh Yadav Attacks on BJP)









