Andaman Nicobar Islands: तेलंगाना जागृति की संस्थापक के. कविता ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की कि स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर ‘आजाद हिंद’ कर दिया जाए।
आज पराक्रम दिवस के अवसर पर लिखे अपने पत्र में कविता ने याद दिलाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर, 1943 को पोर्ट ब्लेयर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और इन द्वीपों को ब्रिटिश शासन से मुक्त होने वाला पहला भारतीय क्षेत्र घोषित किया था। उन्होंने जिक्र किया कि नेताजी ने आज़ाद हिंद की अंतरिम सरकार के तहत इन द्वीपों का नाम शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप रखा था।

‘आजाद हिंद’ नामकरण की मांग (Andaman Nicobar Islands)
कविता ने कहा कि यद्यपि हाल के वर्षों में कुछ द्वीपों के नाम बदले गए हैं, फिर भी द्वीपसमूह की सामूहिक पहचान ब्रिटिश काल के नामों से ही जुड़ी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आजाद हिंद’ नाम भारत की संप्रभुता की पहली घोषणा का प्रतीक है और यह स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के योगदान को स्थायी रूप से याद दिलाएगा।
प्रस्तावित नामकरण को राष्ट्रीय गौरव का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियां प्रेरित होंगी, सांस्कृतिक चेतना मजबूत होगी और भारत का भूगोल उसके स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ जाएगा। कविता ने केंद्र सरकार से इस बदलाव को लागू करने के लिए आवश्यक संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू करने का आग्रह किया और इसे नेताजी के साहस और स्वतंत्र भारत के दृष्टिकोण के प्रति एक उपयुक्त श्रद्धांजलि बताया। (Andaman Nicobar Islands)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान
इससे पहले, शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसे पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। शाह ने 13 सितंबर, 2024 को घोषणा की थी कि केंद्र ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर “श्री विजयपुरम” रखने का निर्णय लिया है।

गृह मंत्री ने तब एक बयान में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र को औपनिवेशिक छाप से मुक्त करने के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, “आज हमने पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर ‘श्री विजयपुरम’ रखने का निर्णय लिया है।”
शाह ने कहा कि हालांकि पूर्व नाम औपनिवेशिक विरासत से जुड़ा था, श्री विजयपुरम हमारे स्वतंत्रता संग्राम में प्राप्त विजय और उसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अनूठी भूमिका का प्रतीक है। (Andaman Nicobar Islands)
शाह ने आगे कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हमारे स्वतंत्रता संग्राम और इतिहास में अद्वितीय स्थान है। यह द्वीपीय क्षेत्र, जो कभी चोल साम्राज्य का नौसैनिक अड्डा हुआ करता था, आज हमारी रणनीतिक और विकासात्मक आकांक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनने के लिए तैयार है।
अमित शाह ने कहा कि यह वह स्थान भी है जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी द्वारा पहली बार तिरंगा फहराया गया था और यह वह सेलुलर जेल भी है, जिसमें वीर सावरकर जी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने एक स्वतंत्र राष्ट्र के लिए संघर्ष किया था। (Andaman Nicobar Islands)
2018 में इन द्वीपों के बदले गए नाम
वर्ष 2018 में, अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदल दिया गया। रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप का नाम शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप रखा गया।
23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में अधिवक्ता जानकीनाथ बोस के घर जन्मे बोस ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें आजाद हिंद फौज की स्थापना के लिए जाना जाता है।
23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में पराक्रम दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने 2021 में 23 जनवरी को पराक्रम दिवस घोषित किया था। (Andaman Nicobar Islands)









