सालों का इंतजार और पहाड़ की बेटी के लिए न्याय की गुहार—क्या अब वो ‘सफेदपोश’ चेहरे बेनकाब होंगे जिन्हें बचाने की कोशिशों के आरोप लगते रहे हैं? देहरादून की प्रेस क्लब में उर्मिला सनावर ने एक भारी लिफाफा लहराते हुए ऐलान कर दिया है कि अंकिता भंडारी केस के असली सबूत अब उनके पास हैं। यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उन ताकतों को सीधी चुनौती है जिन्होंने सबूतों को मिटाने की कोशिश की थी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की उम्मीद लगाए बैठी जनता के बीच सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और एक्टिविस्ट उर्मिला सनावर (Urmila Sanavar) के ताजा बयान ने उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा दी है। देहरादून (दून) में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उर्मिला ने जो दावे किए हैं, उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज
वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज हो गईं और देर शाम तक उनके हरिद्वार या देहरादून पहुंचने को लेकर कयासबाजी चलती रही। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच देहरादून और हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला सनावर की मौजूदगी से अनभिज्ञता जताई और इंटरनेट मीडिया पर चल रही चर्चाओं को अफवाह करार दिया।
उर्मिला सनावर के दावों की पूरी सच्चाई
आज देहरादून में मीडिया से बात करते हुए उर्मिला सनावर ने बेहद गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य रखे। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं
- गायब साक्ष्यों का दावा: उर्मिला ने कहा, “प्रशासन और एसआईटी (SIT) जिस वीआईपी (VIP) का नाम छिपा रही है, मेरे पास उस व्यक्ति की संलिप्तता के तकनीकी और चश्मदीद सबूत मौजूद हैं। अंकिता के साथ उस रात रिसॉर्ट में क्या हुआ, इसके कुछ ऐसे डिजिटल रिकॉर्ड्स मेरे हाथ लगे हैं जिन्हें जांच से बाहर रखा गया था।”
- वीआईपी (VIP) की पहचान: उर्मिला ने आरोप लगाया कि वह वीआईपी कोई मामूली व्यक्ति नहीं बल्कि सत्ता के गलियारों में गहरी पैठ रखने वाला नाम है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे इन सबूतों को सीधे न्यायालय (Court) के समक्ष पेश करेंगी क्योंकि उन्हें पुलिसिया जांच पर अब भरोसा नहीं है।
- प्रशासन को अल्टीमेटम: उर्मिला ने चेतावनी दी कि अगर इन सबूतों के आधार पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे उत्तराखंड में एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेंगी।

पत्रकारों ने गाड़ी को रोक किए सवाल
कनक चौक के पास अचानक जाम की स्थिति बन गई, जहां कुछ पत्रकारों ने उर्मिला की गाड़ी को रोककर सवाल किए। इस दौरान उर्मिला सनावर ने कहा कि वह उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं, लेकिन अभी न तो पुलिस से मिली हैं और न ही किसी से औपचारिक मुलाकात हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वामी दर्शन भारती के साथ हैं और बुधवार को सार्वजनिक रूप से पूरे मामले पर अपनी बात रखेंगी।
क्यों अहम है यह मामला?
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (पूर्व बीजेपी नेता का बेटा) जेल में है, लेकिन अंकिता के माता-पिता और उत्तराखंड की जनता लगातार उस ‘वीआईपी गेस्ट’ का नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रही है जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था।









