Ayodhya Flag Hoisting Ceremony: अयोध्या में 25 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियां भी जोरों पर हैं। अयोध्या शहर में नगर निगम ने राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण समारोह से पहले स्वच्छता अभियान चलाया। ध्वजारोहण 25 नवंबर को इसके मुख्य निर्माण कार्य के पूरा होने की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा।
अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि पूरी नगर निगम टीम ने सरयू घाट पर चल रहे स्वच्छता अभियान में भाग लिया है। उन्होंने बताया कि अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। राम मंदिर पर ध्वजारोहण मंदिर के निर्माण कार्य के पूरा होने का प्रतीक होगा। आज हम शहर में स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। नगर निगम की हमारी पूरी टीम ने सरयू घाट की सफाई में हिस्सा लिया है। हम आगे होने वाले भव्य आयोजन की लगातार तैयारी कर रहे हैं।

यातायात डायवर्जन
इसके अलावा, आईजी रेंज अयोध्या प्रवीण कुमार ने आश्वासन दिया कि आगामी समारोह की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी तैयारियां की जा रही हैं और हम सभी कार्यक्रमों को लेकर सतर्क हैं। 23 नवंबर की रात से अन्य जिलों में वाहनों के यातायात को भी डायवर्ट किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर में आगामी ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। (Ayodhya Flag Hoisting Ceremony)

शहर 25 नवंबर को एक ऐतिहासिक क्षण की तैयारी कर रहा है, जब श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में ध्वजारोहण समारोह के साथ इसके मुख्य निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। राम मंदिर पर केसरिया रंग का ध्वज फहराया जाएगा, जिस पर सूर्य का चिन्ह अंकित रहेगा। सूर्य के मध्य में ‘ॐ’ लिखा होगा, जो परमात्मा का प्रथम उच्चारण है।
धर्म ध्वज की विशेषताएँ
इसके साथ ही ध्वज पर कोविदार वृक्ष का चित्र भी होगा, जिसका उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है और जिसे अयोध्या के राजवंश का प्रतीक माना जाता है। 191 फीट की ऊंचाई पर जब सनातन परंपरा का प्रतीक ये ध्वज लहराएगा तो राम दिव्य राम मंदिर की शोभा और भी बढ़ जाएगी। 25 नवंबर को वह ऐतिहासिक दिन होगा, जब पीएम मोदी के हाथों से मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। (Ayodhya Flag Hoisting Ceremony)
Ayodhya Flag Hoisting Ceremony: पीएम मोदी का अयोध्या दौरा
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि 25 नवंबर को पीएम मोदी लगभग चार घंटे अयोध्या में रहेंगे। पीएम मोदी अयोध्या दर्शन के दौरे की शुरुआत सप्त ऋषि मंदिर से करेंगे, जहां सातों ऋषियों की प्रार्थना करेंगे। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारी उनके लिए विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद पीएम मोदी शेषावतार मंदिर जाएंगे, जहां पर वह लक्ष्मण जी की पूजा करेंगे।
ध्वज फहराने का सही समय
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण धर्म ध्वज है, जिसका शुभ मुहूर्त 25 नवंबर को सुबह 11:58 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच होना है।य़ इसी पवित्र समयावधि में पीएम मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज पताका फहराएंगे। इसके बाद वह देश को संबोधित कर राम मंदिर निर्माण कार्य की पूर्णता की औपचारिक घोषणा भी करेंगे। ध्वज फहराने का मॉक ट्रायल एक दिन पहले सफलतापूर्वक कर लिया गया है। (Ayodhya Flag Hoisting Ceremony)
पीएम मोदी के दौरे के लिए सख्त इंतजाम
पीएम मोदी के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की सख्त तैयारियां की जा रही हैं। एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर तक पूरे 8 किलोमीटर के रास्ते पर बैरिकेडिंग की जा रही है। SPG और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां रूट का लगातार निरीक्षण कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की चूक न होने पाए और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक और भव्य तरीके से पूरा हो सके।

6000 लोगों की उपस्थिति
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 6000 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें से 3000 आमंत्रित अयोध्या से होंगे, जबकि शेष आमंत्रितों में बुंदेलखंड, इटावा, फर्रुखाबाद, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती के लोग शामिल होंगे। सूची स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा तैयार की गई है और बाहरी लोगों को सीमित संख्या में ही बुलाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अयोध्या एक तीर्थस्थल से विकास के आधुनिक मॉडल के रूप में विकसित हुई है। इस ऐतिहासिक प्रगति ने युवाओं के जीवन को रोशन किया है, स्थानीय उद्योगों को पुनर्जीवित किया है और पारंपरिक कलाओं को नई दिशा दी है। (Ayodhya Flag Hoisting Ceremony)
यह समारोह अयोध्या के पर्यटन और सांस्कृतिक उत्साह को अभूतपूर्व ऊँचाइयों तक ले जाएगा । लाखों श्रद्धालुओं के एकत्र होने से शहर की आर्थिक गति तेज़ होगी, जिससे होटलों, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसियों, सुरक्षा सेवाओं, इवेंट मैनेजमेंट फर्मों और स्थानीय विक्रेताओं को लाभ होगा।









