राम जन्मभूमि परिसर में आज उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सुरक्षा की कई परतों को पार कर एक शख्स मंदिर के दक्षिणी परकोटे (सीता रसोई के पास) तक पहुँच गया और वहां नमाज पढ़ने की कोशिश करने लगा। इस घटना के ठीक बाद अयोध्या जिला प्रशासन ने सुरक्षा और आस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की बिक्री और ऑनलाइन डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। साथ ही, शहर में ठहरे हुए अन्य कश्मीरी शॉल विक्रेताओं से भी एहतियातन पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था या फिर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति का परिणाम।

“अयोध्या के आसमान में जहाँ जय श्री राम के उद्घोष गूंज रहे थे, वहीं आज सुरक्षा के अभेद्य दुर्ग में एक ऐसी हलचल हुई जिसने एजेंसियों के होश उड़ा दिए। कल्पना कीजिए, सुरक्षा की सात परतों वाला वो मंदिर, जहाँ परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां एक कश्मीरी शख्स सुरक्षा घेरा तोड़कर नमाज की मुद्रा में बैठ जाता है। जैसे ही उसने घुटने टेके, राम जन्मभूमि परिसर में हड़कंप मच गया। क्या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत आस्था का प्रदर्शन था या फिर किसी गहरी साजिश की आहट? सुरक्षा बलों की गिरफ्त में आया यह शख्स अब उन अनसुलझे सवालों के केंद्र में है, जिनका जवाब पूरी अयोध्या मांग रही है।”
क्या है पूरी घटना
जानकारी के अनुसार,दोपहर में एक शख्स, जो कश्मीरी वेशभूषा में था, राम मंदिर के गेट D1 से दाखिल हुआ। जब उसने परकोटे के पास कपड़ा बिछाकर नमाज पढ़ने की मुद्रा बनाई, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों (SSF और CRPF) की नजर उस पर पड़ी।

रोके जाने पर की नारेबाजी
मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोके जाने पर युवक ने कथित तौर पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया. घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक्टिव हो गए. युवक से पूछताछ की जा रही है. वहीं युवक ने यह उस उद्देश्य के लिए किया इसकी गहन जांच की जा रही है.

आरोपी की पहचान
पकड़े गए शख्स की पहचान अहमद शेख (उम्र करीब 50-55 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है।जसिके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन मोड में आ गई है और घटना के तुरंत बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), यूपी एटीएस (ATS) और स्थानीय पुलिस एक्टिव हो गई है। अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर (SSP Gaurav Grover) ने पुष्टि की है कि सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह किसके साथ और किस इरादे से मंदिर में दाखिल हुआ था।
गौरतलब है कि राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही अयोध्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकियों के निशाने पर रही है। इस घटना के ठीक दो दिन पहले ही खुफिया एजेंसियों ने ‘लोन वुल्फ अटैक’ (Wolf Attack) को लेकर अलर्ट जारी किया था। वर्तमान में पूरी अयोध्या को ‘छावनी’ में तब्दील कर दिया गया है और सरयू तट से लेकर राम पथ तक सघन चेकिंग अभियान (Combing Operation) चलाया जा रहा है। बाहरी जिलों से आने वाले हर वाहन की दोबारा तलाशी के आदेश दे दिए गए हैं।”









