Ayodhya Ramleela 2025: भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या की रामलीला का सातवां संस्करण 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक रामकथा पार्क में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कई प्रसिद्ध कलाकार भाग ले रहे हैं। इस बार की रामलीला में भगवान शिव की भूमिका विंदू दारा सिंह, नारद मुनि की भूमिका अवतार गिल और देवी पार्वती की भूमिका सोनम तिवारी निभा रही हैं।
इस बार रामलीला की खासियत 240 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा, जो इसे और भी भव्य बनाएगा। इसके साथ ही 190 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। बड़े बड़े कलाकार निभा रहे पात्रों की भूमिका रामकथा पार्क में में आयोजित इस रामलीला में फिल्मी सितारों की भागीदारी इसे और भी आकर्षक बनाती है।
Ayodhya Ramleela 2025: कई नामचीन हस्तियाँ होंगी शामिल
प्रसिद्ध अभिनेता विंदू दारा सिंह ने भगवान शिव की भूमिका निभाकर दर्शकों का मन मोह लिया, जबकि अनुभवी फिल्म अभिनेता अवतार गिल ने नारद मुनि की भूमिका निभाई। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम तिवारी ने अपने अभिनय से देवी पार्वती के चरित्र को जीवंत कर दिया।
इस साल के संस्करण में अभिनेता पुनीत ईश्वर, सांसद मनोज तिवारी, सांसद रवि किशन और अन्य कई नामचीन हस्तियाँ शामिल होंगी। आने वाले दिनों में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए कलाकारों की टोली तैयार है।
अयोध्या की रामलीला सबसे बड़ी प्रस्तुतियों में से एक
आयोजकों ने बताया कि अयोध्या की रामलीला दुनिया भर में अपनी तरह की सबसे बड़ी प्रस्तुतियों में से एक है। पिछले साल, 45 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने इस आयोजन को लाइव टेलीकास्ट के ज़रिए देखा था। संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मलिक और महासचिव शुभम मलिक ने घोषणा की कि रामलीला का प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक सीधा प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने घरों से ही इसे देखने और अपना आशीर्वाद देने का आग्रह किया। (Ayodhya Ramleela 2025)
रामलीला के पहले दिन कई प्रसंग दिखाए गए। इसकी शुरुआत भगवान शिव और देवी पार्वती द्वारा भगवान राम की कथा सुनने से हुई। इसके बाद कामदेव द्वारा नारद का ध्यान भंग करने का दृश्य दिखाया गया, जिसके बाद नारद ने वानर रूप धारण करके स्वयंवर रचने का प्रयास किया। एक अन्य प्रसंग में भगवान विष्णु को श्राप मिला कि भविष्य में उन्हें वानरों की सहायता की आवश्यकता होगी। दिन का समापन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद द्वारा तपस्या और वरदान माँगने के चित्रण के साथ हुआ।
यह भव्य कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा, जिसमें रामायण के प्रमुख अध्यायों को दिखाया जाएगा और उम्मीद है कि इसे ऑन-ग्राउंड और प्रसारण के माध्यम से भारी संख्या में दर्शक मिलेंगे। इस साल की रामलीला में 60 कारीगरों की टीम ने विशाल पुतलों का निर्माण किया है, जिसमें तकनीक और पारंपरिक कलात्मकता का अनूठा संगम है।









