Bahraich Wolf Attack: बहराइच में भेड़िये के हमले से बच्ची की मौत, 15 दिनों के अंदर चौथी घटनाउत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। मझारा तौकली क्षेत्र के बाबा पटाव गांव में भेड़िये ने तीन साल की बच्ची सोनी पर हमला कर दिया।
हमले के बाद बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पिछले 15 दिनों में जंगली जानवरों के अचानक हमले की कुल चार घटनाएँ सामने आई हैं।
मां के साथ आंगन में बैठी थी बच्ची
मृतक बच्ची की माँ विनीता ने बताया कि बच्ची उसके साथ घर के आंगन में बैठी थी, तभी जंगली जानवर उसे उठा ले गया। उसकी चीखें सुनकर लोग जानवर के पीछे दौड़े, लेकिन तब तक वह बच्ची को घायल कर चुका था। बच्ची की मौत अस्पताल ले जाने के बाद घोषित की गई।
जानवरों के हमले से तीसरी मौत (Bahraich Wolf Attack)
बहराइच के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि वन विभाग की 20 से अधिक टीमें, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की 21 टीमों के साथ मिलकर इस मुद्दे को सुलझाने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह कैसरगंज तहसील का एक गाँव है और इस गाँव में जानवरों के हमले से यह तीसरी मौत है।
वर्तमान में, वन विभाग की 20 से अधिक टीमें थर्मल ड्रोन और अतिरिक्त ड्रोन के साथ काम कर रही हैं। हमने इस गाँव के लिए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की 21 टीमों को भी तैनात किया है। हमने ग्रामीणों से अपने बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा है।”
DM ने वन विभाग के साथ इलाके का दौरा किया
घटना के बाद जिलाधिकारी त्रिपाठी ने वन विभाग के साथ इलाके का दौरा किया। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राम सिंह यादव ने बताया कि फखरपुर ब्लॉक क्षेत्र में किसी जानवर द्वारा बच्चे को मारने की यह चौथी घटना है। उन्होंने बताया कि एक भेड़िया देखा गया है और उसके पैरों के निशान भी मिले हैं।
डीएफओ यादव ने कहा, “वन विभाग की टीमें इलाके में काम कर रही हैं। भेड़िये को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरे, ड्रोन कैमरे और जाल लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि भेड़िया लगातार अपना स्थान बदल रहा है, गन्ने और धान के खेतों का फायदा उठा रहा है, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। (Bahraich Wolf Attack)
दिन के समय हमले असामान्य हैं, हो सकता है कि उनका व्यवहार बदल गया हो। इसकी जाँच भी ज़रूरी है। अब तक भेड़ियों के हमले रात में ही होते रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र के बाहर से विशेषज्ञों और टीमों को बुलाया गया है और अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।”
पिछली घटनाएं
पिछले साल बहराइच के महसी इलाके में भेड़ियों के कथित हमले में 10 से ज़्यादा बच्चे मारे गए थे। इस बार बहराइच का फखरपुर इलाका भी इसी दहशत से डरा हुआ है। वन विभाग की टीम भेड़िये को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरे, ड्रोन कैमरे और जाल लगा रही है। भेड़िया लगातार अपना स्थान बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। विभाग की टीम स्थिति पर नजर रख रही है और विशेषज्ञों की मदद ले रही है। (Bahraich Wolf Attack)









