Bhupen Borah Resignation: असम की सियासत में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी को ‘अलविदा’ कह दिया। चुनाव की दहलीज पर खड़े असम में इसे कांग्रेस के लिए अब तक का सबसे बड़ा और घातक झटका माना जा रहा है।
Bhupen Borah Resignation: भूपेन कुमार बोरा का इस्तीफा
भूपेन कुमार बोरा ने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेजकर सबको स्तब्ध कर दिया। जब मीडिया ने उनसे इस्तीफे की वजह पूछी, तो उन्होंने सस्पेंस बरकरार रखते हुए केवल इतना कहा कि, ”सही समय आने पर बताऊंगा कि मैंने यह कदम क्यों उठाया।” उनकी यह रहस्यमयी चुप्पी इशारा कर रही है कि कांग्रेस के भीतर ‘सब कुछ ठीक नहीं है’ और आने वाले दिनों में कई और बड़े राज खुल सकते हैं। (Bhupen Borah Resignation)
हिमंता बिस्वा सरमा का स्ट्रैटेजिक मूव
जैसे ही इस्तीफे की खबर फ्लैश हुई, असम के मुख्यमंत्री और बीजेपी के रणनीतिकार हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे एक बड़ा सियासी मोड़ दे दिया। सीएम हिमंता ने बिना देर किए भूपेन बोरा को बीजेपी में आने का न्योता दे दिया। और अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि हिमंता ने पहले ही इशारा कर दिया था कि कांग्रेस का किला ताश के पत्तों की तरह ढहने वाला है। (Bhupen Borah Resignation)
चुनाव से ऐन वक्त पहले सेनापति का मैदान छोड़ना किसी भी सेना के लिए आत्मघाती होता है। भूपेन बोरा का जाना न केवल असम कांग्रेस के संगठन को कमजोर करेगा, बल्कि पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल भी तोड़ सकता है। फिलहाल असम में अब मुकाबला ‘बीजेपी बनाम कांग्रेस’ नहीं, बल्कि ‘बीजेपी बनाम बिखरती हुई कांग्रेस’ की ओर बढ़ता दिख रहा है।









