Mani Shankar Aiyar: चुनाव की रणभेरी बज चुकी है, सेनाएं मैदान में हैं, लेकिन कांग्रेस के खेमे में अजीबोगरीब मंजर है। जहाँ सैनिकों को दुश्मन पर वार करना था, वहां कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही सेना के सेनापतियों पर ‘मिसाइलें’ दाग दी हैं। उनके ताजा हमलों ने पार्टी के भीतर ऐसा गृहयुद्ध छेड़ दिया है कि हाईकमान के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है।
अय्यर (Mani Shankar Aiyar) ने कांग्रेस नेतृत्व की जड़ों पर प्रहार करते हुए साफ कहा कि वह गांधी-नेहरू की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, लेकिन ‘राहुलवाद’ उनके लिए कोई विचार नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाकर पार्टी के भीतर के वैचारिक मतभेद को चौराहे पर ला खड़ा किया है।
Mani Shankar Aiyar: थरूर से लेकर वेणुगोपाल तक, निशाने पर दिग्गज
आपको बता दें, मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar) ने पार्टी के प्रमुख चेहरों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अय्यर ने शशि थरूर को ‘निहायत ही मतलबी’ करार दिया और आरोप लगाया कि वे जनता की सेवा नहीं, बल्कि फिर से विदेश मंत्री बनने की फिराक में लगे हुए हैं। तो वहीं पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल को भी अय्यर ने आड़े हाथों लेते हुए उनके ऊपर तीखे बाण छोड़े हैं, जिससे पार्टी की रणनीति बनाने वाली टीम की साख पर बट्टा लगा है।
अय्यर (Mani Shankar Aiyar) यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले किले केरल में हार की भविष्यवाणी कर दी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कांग्रेस को नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और INDIA गठबंधन की कमान एम.के. स्टालिन को सौंप देनी चाहिए।
फिलहाल राजनीतिक पंडितों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाना और गठबंधन का नेतृत्व किसी और को सौंपने की बात करना, बीजेपी को थाली में सजाकर जीत देने जैसा है। अय्यर (Mani Shankar Aiyar) के ये ‘गोले’ विपक्षी खेमे को फायदा पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस आज युद्ध के मैदान में बाहरी दुश्मनों से नहीं, बल्कि अपने ही भीतर बैठे ‘विभीषणों’ से हारती दिख रही है।









