Bihar Politics: बिहार की राजनीति में बाहुबल और बयानों का पुराना नाता रहा है, लेकिन अक्टूबर 2026 में मोकामा के बाहुबली नेता और जेडीयू (JDU) विधायक अनंत सिंह के एक कबूलनामे ने राज्य के सियासी गलियारे में भूचाल ला दिया है। विधान परिषद (MLC) चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके इस बयान ने न केवल विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया, बल्कि जेडीयू और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भी बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद अनंत सिंह ने 24 घंटे के भीतर अपने बयान पर यू-टर्न ले लिया, लेकिन तब तक यह मुद्दा बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन चुका था।
Bihar Politics: क्या था अनंत सिंह का विवादित बयान?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब अनंत सिंह ने मीडिया के सामने जेडीयू के अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नीरज कुमार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने संबंधों और उनके शुरुआती राजनीतिक संघर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया, “नीतीश कुमार उस समय कुछ नहीं थे, यहां-वहां घूमते थे। उस समय नीतीश कुमार का साथ देने के लिए मैंने 9 लोगों का मर्डर करवाया था।”
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए जितनी कुर्बानियां दी हैं, उतनी किसी ने नहीं दी। जेडीयू विधायक के मुंह से सरेआम “9 मर्डर कराने” की बात सुनकर न सिर्फ पत्रकार हैरान रह गए, बल्कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। (Bihar Politics)
विपक्ष का तीखा हमला और सरकार से जवाब की मांग
इस कबूलनामे के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे हाथों-हाथ लिया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बेदाग छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। RJD प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से एनडीए शासन के दौरान 9 हत्याएं करने की बात कबूली है। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “अब नीतीश कुमार को इस पर स्पष्टीकरण देना होगा। जिम्मेदारी सीधे नीतीश सरकार पर जाती है और इस पाप से उन्हें छुटकारा नहीं मिलेगा।”
एनडीए के सहयोगी और हम (HAM) नेता जीतन राम मांझी ने भी इस पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नीतीश जी के लिए कोई 9 मर्डर करे या 25 करे, गलत काम तो गलत ही है। उन्होंने इस मामले की पूरी जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। (Bihar Politics)
24 घंटे में यू-टर्न: अब लालू यादव पर मढ़ा दोष
चारों तरफ से घिरने और बयान के कानूनी फंदे में बदलने के डर से अनंत सिंह ने 24 घंटे के भीतर अपनी सफाई पेश की और पूरी कहानी को ही पलट दिया। उन्होंने दावा किया कि मीडिया ने उनकी बात का गलत मतलब निकाला है। नई सफाई में अनंत सिंह ने कहा, “लालू यादव के शासनकाल के दौरान, क्योंकि हम नीतीश कुमार के साथ जुड़ गए थे, इसलिए लालू यादव ने हमारे 9 करीबियों की हत्या करवा दी थी। उस समय मुझ पर भी गोली चलाई गई थी और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जरिए हमारे लोगों को निशाना बनाया गया था। मैंने मर्डर किया नहीं था, बल्कि नीतीश कुमार का साथ देने के कारण हमारे 9 लोगों की हत्या हुई थी।”
इस तरह अनंत सिंह ने बड़ी ही चालाकी से अपने मर्डर करने के बयान को अपने लोगों की हत्या होने में बदल दिया और इसका ठीकरा राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सिर फोड़ दिया। (Bihar Politics)
जेडीयू का बचाव
विवाद को शांत करने की कोशिश में जेडीयू के प्रवक्ताओं ने नीतीश कुमार की बेदाग छवि का हवाला दिया। जेडीयू प्रवक्ता श्याम रजक ने अनंत सिंह के पहले बयान को गंभीरता से न लेने की अपील करते हुए इसे उनकी हताशा का परिणाम बताया। पार्टी की ओर से साफ किया गया कि नीतीश कुमार का 5 दशकों का राजनीतिक करियर पूरी तरह से अपराध और हिंसा से मुक्त रहा है और इस तरह के बयानों का कोई आधार नहीं है।
अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं और जन सुराज पार्टी जैसी नई ताकतें भी मोकामा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। मोकामा के ‘छोटे सरकार’ कहे जाने वाले अनंत सिंह का राजनीतिक इतिहास हमेशा से विवादों और कानूनी लड़ाइयों से भरा रहा है। भले ही अनंत सिंह ने अपने दिए बयान पर पलटी मार ली हो, लेकिन चुनावी माहौल में विपक्ष को एक ऐसा हथियार मिल गया है, जिसे वह आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं है। यह विवाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और खास तौर पर कानून व्यवस्था के दावों को लेकर नीतीश सरकार की घेराबंदी में एक बड़ा मुद्दा बना रहेगा। (Bihar Politics)









