BRICS Summit 2026: संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली हवाई अड्डे पर शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में यह दो दिवसीय ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस साल की थीम है “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी”, यानी मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊ डेवलपमेंट पर फोकस।
BRICS Summit 2026: वैश्विक कूटनीति का नया केंद्र बनी दिल्ली
भारत की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक नेताओं का जमावड़ा लग रहा है। एंटोनियो गुटेरेस के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस बैठक में शिरकत कर रहे हैं। यह यात्रा गुटेरेस की इस वर्ष की दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वे फरवरी 2026 में इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने दिल्ली आए थे।
बहुध्रुवीयता और वैश्विक सुधार
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक के अनुसार, 13 सितंबर को होने वाले खुले सत्र में गुटेरेस का भाषण बदलती वैश्विक वास्तविकताओं पर केंद्रित होगा। गुटेरेस इस बात पर जोर देंगे कि आज की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक स्थितियां द्वितीय विश्व युद्ध के बाद (1945 में) जैसी नहीं रहीं। ब्रिक्स देश वर्तमान समय की वास्तविक सच्चाई का प्रतिनिधित्व करते हैं। (BRICS Summit 2026)
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ब्रिक्स के मंच से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और ब्रेटन वुड्स प्रणाली (आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक) जैसे पुराने बहुपक्षीय संस्थानों में बड़े सुधारों का आह्वान करेंगे। वे बताएंगे कि एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था वैश्विक प्रणालियों और संस्थानों में संतुलन स्थापित करने में किस तरह सहायक हो सकती है।
द्विपक्षीय बैठकें और क्षेत्रीय संकट पर चर्चा
शिखर सम्मेलन के इतर, एंटोनियो गुटेरेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया संकट और उसके वैश्विक आर्थिक प्रभावों पर भी इस मंच पर विचार-विमर्श किया जाएगा। (BRICS Summit 2026)
दिसंबर 2026 में महासचिव के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल समाप्त कर रहे गुटेरेस के लिए यह समिट वैश्विक सुधारों के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। भारत मंडपम में हो रही यह बैठक न केवल ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक प्रशासन के पुनर्गठन में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।









