CJP Protest: मुंबई पुलिस ने दादर के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख आयोजकों और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। 2 अक्टूबर, महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे, जिससे इलाके में यातायात और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हुई थी।
CJP Protest: मुख्य विवाद और प्रदर्शन की वजह
यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा थी। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। CJP ने इस आंदोलन को अपने अभियान का ‘सीजन 2’ बताते हुए ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया था।
पुलिस की कार्रवाई और दर्ज धाराएं
मुंबई पुलिस के अनुसार, आयोजकों ने सार्वजनिक सभा के लिए औपचारिक अनुमति मांगी थी, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के पुराने दिशानिर्देशों (PIL 116/2009) और शिवाजी पार्क की ऐतिहासिक संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक दादर पश्चिम स्थित मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के पास गेट नंबर 6 पर एकत्र हो गए। (CJP Protest)
इस मामले में शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 515/26 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), धारा 223 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 37(3) और 135 के तहत कार्रवाई की है। ये धाराएं गैरकानूनी जमावड़े, लोक सेवक के कानूनी आदेश की अवज्ञा और आधिकारिक निषेधाज्ञा के उल्लंघन से संबंधित हैं।
नामजद किए गए प्रमुख आयोजक
स्थानीय निवासी और अधिवक्ता सिद्धि देवलेकर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने CJP के कई शीर्ष पदाधिकारियों को नामजद किया है। एफआईआर में मुख्य रूप से शामिल नाम हैं-
- अभिजीत दीपके (CJP संस्थापक)
- अजिंक्य शिंदे (राष्ट्रीय संगठन प्रमुख)
- प्रणव आहिरे (मुंबई समन्वयक)
- आशुतोष रांका
- सौरभ दास
- आफरीन नवाज, सौम्या कोरडे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी और योगेश इंगले। (CJP Protest)
जमीनी स्थिति और आरोप-प्रत्यारोप
जहां मुंबई पुलिस के विशेष संभाग ने प्रदर्शन में भीड़ की संख्या लगभग 4,500 से 5,000 बताई, वहीं CJP का दावा था कि इस आंदोलन में लगभग 35,000 से 40,000 लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध किया, यातायात को पूरी तरह बाधित किया और बिना अनुमति के लाउडस्पीकर का उपयोग कर तेज आवाज में नारेबाजी की।
अधिवक्ता सिद्धि देवलेकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है और कोई भी राजनीतिक अभियान कानून से ऊपर नहीं हो सकता।फिलहाल, मुंबई पुलिस ने इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की है और वीडियो फुटेज व डिजिटल सबूतों के आधार पर अन्य अज्ञात समर्थकों की पहचान और आगे की जांच प्रक्रिया जारी है। (CJP Protest)









