CJP Tiranga March: देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर चरम पर हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में बुलाई गई ‘तिरंगा यात्रा’ से पहले दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इस प्रस्तावित मार्च से पहले खुद अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारियों ने उनके ठिकाने को घेर लिया है और उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। दिपके ने आशंका जताई है कि मार्च शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।
CJP Tiranga March: क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लेकर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। उन पर जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। अपने इन साथियों की गिरफ्तारी के विरोध में और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर CJP ने 16 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शांतिपूर्ण ‘तिरंगा यात्रा’ (लहरा दो तिरंगा मार्च) निकालने का ऐलान किया था। जैसे ही अभिजीत दिपके महाराष्ट्र से दिल्ली पहुंचे, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई।
दिपके का दावा: “सफेद स्कॉर्पियो कर रही पीछा, जेल जाने को तैयार”
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों पर उनकी जासूसी करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली में जहां भी ठहरा हुआ हूं, उस जगह को सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों और आईबी के लोगों ने घेर रखा है। वे बिल्डिंग के चौकीदार से मेरी हर गतिविधि की जानकारी ले रहे हैं। बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां और एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो हर जगह मेरा पीछा कर रही है।” (CJP Tiranga March)
दिपके ने सरकार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने का आरोप लगाते हुए स्थिति की तुलना ‘आपातकाल’ से कर दी। उन्होंने कहा, “हम महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के अनुयायी हैं। देश में तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। अगर स्वतंत्र भारत में राष्ट्रध्वज फहराने के लिए हमें जेल जाना पड़ता है, तो हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
दिल्ली पुलिस सख्त, पूरे नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
दूसरी तरफ, कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस यात्रा को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। नई दिल्ली जिले के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, CJP की ओर से इस यात्रा के लिए स्थानीय प्रशासन से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि अनुमति मांगी भी जाती, तो मौजूदा संवेदनशील परिस्थितियों और संगठन के पिछले आचरण को देखते हुए इसकी इजाजत नहीं दी जाती।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले धारा 144 थी) लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर रोक है। कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क के आसपास करीब 11,000 दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए सेंट्रल पार्क को शुक्रवार और शनिवार के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। (CJP Tiranga March)
दिल्ली हाई कोर्ट में भी पहुंचा मामला
इस विरोध प्रदर्शन का असर न्यायिक गलियारों में भी देखने को मिला। कनॉट प्लेस के पालिका बाजार के एक स्थानीय स्ट्रीट वेंडर अनिल कुमार गुप्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि त्योहारी सीजन के दौरान कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्र में इस तरह के बड़े प्रदर्शन से व्यापारियों को भारी नुकसान होगा और आम जनता को असुविधा होगी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदर्शन पर कोई औपचारिक रोक लगाने से तो इनकार कर दिया, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस हर संभव सख्त कदम उठा रही है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। (CJP Tiranga March)
आगे क्या?
दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्थिति में सेंट्रल पार्क या कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में अनधिकृत भीड़ जुटने नहीं दी जाएगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को एक सीमित समूह में राष्ट्रगान गाने और तिरंगा फहराने के लिए किसी वैकल्पिक और उपयुक्त स्थान का विकल्प देने की बात कही है, लेकिन मुख्य आयोजन स्थल पर सख्त पाबंदियां जारी हैं। अभिजीत दिपके के ठिकानों पर पुलिस की मौजूदगी और भारी बैरीकेडिंग को देखते हुए अब यह देखना होगा कि CJP के कार्यकर्ता इस पाबंदी के बीच आगे क्या रणनीति अपनाते हैं।









