CM Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की सियासी रणभूमि में आज एक ऐसा धमाका हुआ जिसकी गूँज दिल्ली के गलियारों तक सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज अपने चिर-परिचित अंदाज़ में गरजते हुए न केवल विरोधियों को ललकारा, बल्कि देश की सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था—चुनाव आयोग—के खिलाफ ‘आर-पार’ की जंग का ऐलान कर दिया।
CM Mamata Banerjee का चुनाव आयोग पर ‘वोल्टेज’ वाला वार
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी का पारा तब सातवें आसमान पर पहुँच गया, जब उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी भरे लहजे में कहा— “अगर वो 420 (जालसाज) हैं, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि मैं 440 वोल्ट का करंट हूँ! मुझसे टकराओगे तो राख हो जाओगे।” दीदी का यह बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिसे सीधा संदेश माना जा रहा है कि वे झुकने वाली नहीं हैं।

‘इलेक्शन’ नहीं, अब ‘टॉर्चर कमीशन’?
ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे ‘टॉर्चर कमीशन’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ‘तुगलकी’ तरीके से काम कर रहा है और बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है। आपको बता दें कि, दीदी ने बेहद तीखा सवाल दागते हुए पूछा— “SIR प्रक्रिया के लिए जो दस्तावेज बिहार में मान्य हैं, उन्हें बंगाल में क्यों खारिज कर दिया गया? क्या बंगाल के लोग दोयम दर्जे के नागरिक हैं?” उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि आयोग केंद्र के इशारे पर बंगाल में अलग नियम चला रहा है, जो राज्य की अस्मिता पर हमला है।
दीदी के इस ‘वोल्टेज’ वाले बयान ने विपक्षियों के खेमे में खलबली मचा दी है। जहाँ उनके समर्थक इसे ‘बंगाल की बेटी’ का साहस बता रहे हैं, वहीं विरोधियों ने इसे संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करार दिया है। फिलहाल बंगाल की राजनीति में ‘ममता बनाम आयोग’ की यह लड़ाई अब उस मोड़ पर आ गई है, जहाँ से वापसी का रास्ता नजर नहीं आता। दीदी ने साफ कर दिया है कि वे इस चुनावी दंगल में किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। (CM Mamata Banerjee)









