मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज की पावन धरती पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने आयोजित हो रहे माघ मेले (Magh Mela) की तैयारियों की कमान स्वयं संभाली। मुख्यमंत्री ने मेला प्राधिकरण के कार्यालय में करीब तीन घंटे तक चली मैराथन समीक्षा बैठक में अफसरों को दो टूक चेतावनी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही ‘जीरो टॉलरेंस’ की श्रेणी में आएगी।

सीएम योगी ने माघ मेला को लेकर एप किया लॉन्च
इस दौरान सीएम ने करोड़ों कल्पवासियों और पर्यटकों की सहूलियत के लिए ‘माघ मेला सर्विस ऐप’ (Magh Mela Survice App) का विधिवत शुभारंभ किया, जो न केवल श्रद्धालुओं को घाटों और पार्किंग की सटीक लोकेशन बताएगा, बल्कि आपातकालीन स्थिति में ‘पैनिक बटन’ के जरिए तुरंत पुलिस सहायता भी उपलब्ध कराएगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि 14 जनवरी को होने वाले मकर संक्रांति के प्रथम स्नान तक संगम की रेती पर बुनियादी ढांचे से लेकर स्वच्छता का ऐसा मानक स्थापित होना चाहिए, जो पूरी दुनिया को महाकुंभ की भव्यता का संदेश दे सके।

“संगम की रेती पर जब सनातन की शक्ति और डिजिटल इंडिया की युक्ति एक साथ मिली, तो प्रयागराज(Prayagraj)की फिजा ही बदल गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने न केवल व्यवस्थाओं का ‘एक्स-रे’ किया, बल्कि तकनीक का ऐसा ‘ई-कवच’ लांच किया जो करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए संगम का मार्ग सुगम कर देगा। यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि 2026 के महाकुंभ की वह झांकी है, जिसे योगी सरकार ‘स्मार्ट और सुरक्षित’ बनाने के संकल्प के साथ धरातल पर उतार रही है।”
सीएम योगी आदित्यनाथ की अफसरों को हिदायत
AI मॉनिटरिंग: सीएम ने मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का जाल बिछाने के निर्देश दिए।
निर्मल गंगा: सिंचाई विभाग और प्रदूषण बोर्ड को सख्त हिदायत दी गई कि नालों का पानी किसी भी हाल में गंगा में न गिरे।
कल्पवासी सुरक्षा: टेंट सिटी में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर विशेष प्रोटोकॉल जारी किए गए।

“गौरतलब है कि इस वर्ष का माघ मेला प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा है। सीएम योगी के इस दौरे के बाद अब प्रशासन 14 जनवरी(मकर संक्रांति) के पहले शाही स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती के साथ-साथ इस बार ‘ड्रोन सर्विलांस’ के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।”









