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Kapil Sibbal Slams ED: कपिल सिब्बल का तीखा वार: “चुनाव आते ही जाग जाती है ED, बंगाल छापेमारी पर कपिल सिब्बल ने उठाए गंभीर सवाल।

पश्चिम बंगाल में चुनाव रणनीतिकार संस्था I-PAC के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद सिब्बल ने कड़े शब्दों में बीजेपी को घेरा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक बार फिर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर बड़ा हमला बोला है।

“लोकतंत्र के उत्सव में जब वोट की चोट होनी चाहिए, तब जांच एजेंसियों की दस्तक क्यों?  कपिल सिब्बल के इस सवाल ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। सिब्बल का आरोप है कि बीजेपी ने ED को एक ऐसे ‘हथियार’ में तब्दील कर दिया है, जिसकी धार चुनाव आते ही तेज हो जाती है। क्या वाकई जांच एजेंसियां केवल विपक्ष के दरवाजे का पता जानती हैं? सिब्बल का यह दावा कि ‘फेडरलिज्म अब ED के रहमों-करम पर है’, सत्ता के गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे रहा है। डराने और झुकाने की इस राजनीति के बीच सिब्बल की नजरें अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं।

https://x.com/i/status/2009902245090033867

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (2026) से ठीक तीन महीने पहले I-PAC (प्रशांत किशोर द्वारा स्थापित संस्था) और उसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर ED की छापेमारी ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। इसी पृष्ठभूमि में कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है । उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार का 2004 से 2014 तक का कार्यकाल याद आ गया। जिस तरह अखबारों में खबरें छप रही है वैसी हमने उन 10 सालों में नहीं देखीं है, क्योंकि हमने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं थी। कपिल सिब्बल ने कहा कि उस दौरान किसी भी राजनीतिक दल या नेता पर झूठी जानकारी के आधार पर मुकदमा नहीं चलाया था. उन्होंने कहा कि जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का गठन हुआ था, तब यह नहीं पता था कि इसे एक सर्वव्यापी अभियोजन एजेंसी बना दिया जाएगा, जो भारत में कहीं भी, कभी भी जा सकती है और पूरे संघीय ढांचे पर इस तरह से हमला कर सकती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए कर रही है।

ममता को परेशान करने के लिए ED का इस्तेमाल

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है. सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है. अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है.

कपिल सिब्बल नें अपने X पर पोस्ट कर के साधा निशाना

कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में कहीं भी एफआईआर दर्ज होते ही ईडी वहां पहुंच जाती है। ED सिर्फ चुनाव के समय ही ऐसे राज्यों में पहुंचती है, उससे पहले ED चुपचाप क्यो बैठी रहती है।  बीजेपी ईडी का इस्तेमाल कर राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा करने का काम कर रही है। भाजपा की ED का उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। यह टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं जो सरासर गलत है।

“हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) ने भी इस छापेमारी के दौरान खुद मौके पर पहुंचकर विरोध जताया था और इसे टीएमसी (TMC) का डेटा चुराने की कोशिश करार दिया था। वहीं दूसरी तरफ, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि एजेंसियां अपना काम भ्रष्टाचार के खिलाफ सबूतों के आधार पर कर रही हैं। सिब्बल के इस बयान के बाद अब इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A.) के अन्य नेताओं ने भी लामबंद होकर संसद से सड़क तक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।”

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