CM Yogi on SIR Controversy: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दलों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। हाल ही में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर खड़े किए गए विवाद पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि कांग्रेस को अपनी इन गैरजिम्मेदाराना बचकानी हरकतों पर लगाम लगानी चाहिए।
सीएम योगी ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।
CM Yogi on SIR Controversy: योगी बोले- संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश
आज लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से यही रहा है कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए भारत के संवैधानिक संस्थानों और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने की हर साजिश में शामिल रहे हैं। वे हर उस साजिश का हिस्सा रहे हैं जिसके कारण दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है।
सीएम ने आगे कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए और उसके सहयोगियों की मौजूदा बयानबाजी बेहद गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा, “देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और यूपीए गठबंधन, तथा उससे जुड़ी अन्य पार्टियों की मौजूदा कार्रवाइयां और उनकी बयानबाजी बेहद गैरजिम्मेदाराना हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हानिकारक हैं।” (CM Yogi on SIR Controversy)
1952 से 2003 तक की SIR प्रक्रिया का किया जिक्र
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रम की स्थिति का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अतीत में भी इसी तरह के संशोधन कई बार किए जा चुके हैं, जिनमें कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान के समय भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी, देश में अलग-अलग समय पर और अधिकतर समय कांग्रेस ही सत्ताधारी सरकार रही है। 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी SIR की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। इन सबके बावजूद, इस बार की SIR की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और अन्य दलों द्वारा मचाया गया हंगामा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा, “चुनावों में चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी हो, आरजेडी हो या अन्य विपक्षी दल, अगर वे चुनाव जीतते हैं तो यह उनकी मेहनत का फल है। अगर जनता उनके भ्रष्टाचार, वित्तीय कदाचार, धूर्त राजनीति या अराजक कार्यों के कारण उन्हें नकार देती है, तो इसके लिए चुनाव आयोग या ईवीएम को दोष देना कितना उचित है? इन पार्टियों को खुद भी कभी-कभी इस पर विचार करना चाहिए, आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।”
न्यायपालिका और CAG के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
सीएम ने न्यायपालिका, सीएजी और ईवीएम से जुड़े पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए कांग्रेस द्वारा संवैधानिक संस्थानों को निशाना बनाने के एक पैटर्न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज में भारत की न्यायपालिका पर सवाल उठाए थे। 2019 में उन्होंने राफेल मुद्दे पर सीएजी की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए थे।”
उन्होंने आगे कहा कि ईवीएम की बदौलत कांग्रेस ने केंद्र के साथ-साथ कई राज्यों में भी सरकारें बनाई हैं, फिर भी ईवीएम को ‘ब्लैक बॉक्स’ कहना और भारत की चुनावी प्रणाली और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। (CM Yogi on SIR Controversy)
आपातकाल का जिक्र, कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड पर साधा निशाना
आपातकाल के दौर का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद कीजिए कि 25 जून, 1975 को कांग्रेस ने देश के संविधान का गला घोंटकर पाप किया था। कौन नहीं जानता कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों ने विभिन्न विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को अनैतिक और गैरकानूनी तरीके से गिराकर पाप किया था।
उन्होंने भारतीय वायु सेना द्वारा 2019 में किए गए बालाकोट हवाई हमले और अन्य प्रमुख सैन्य गतिविधियों पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के कारण उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाकोट हवाई हमले के दौरान भारतीय सेना की बहादुरी पर सवाल उठाना, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर सैनिकों पर सवाल उठाना, यह किस तरह की देशभक्ति है? और इस समय, कांग्रेस और उसके सहयोगी ठीक यही गैरजिम्मेदाराना हरकतें कर रहे हैं। (CM Yogi on SIR Controversy)
SIR पर चुनाव आयोग की सफाई का योगी ने किया जिक्र
सीएम ने कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठाई गई चिंताओं का पहले ही समाधान कर दिया है। उन्होंने कहा, “तीनों चुनाव आयुक्त प्रेस के सामने आए और स्थिति स्पष्ट की। एसआईआर के संबंध में निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में चूक हुई है, उन्हें फॉर्म भरने की पूरी अनुमति है। फॉर्म छह के संबंध में, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया है।” उन्होंने आगे कहा कि इसके बावजूद, विपक्षी दल चुनाव निकाय और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना जारी रखे हुए हैं।
फॉर्म-6 और मतदाता सूची को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस को अपने इन गैरजिम्मेदाराना और बचकाने कृत्यों पर लगाम लगानी चाहिए। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और इस तरह के दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। लेकिन वे लगातार इस तरह की हरकतें करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने इस बात को दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग पहले ही लापता मतदाताओं और फॉर्म 6 से संबंधित मुद्दों को स्पष्ट कर चुका है और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन “छोटी-छोटी बातों पर बहस” करने के बराबर हैं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कटघरे में खड़ा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। (CM Yogi on SIR Controversy)
विपक्ष से आत्मनिरीक्षण और माफी की मांग
सीएम योगी ने भारत के समावेशी चुनावी ढांचे का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा लोकतंत्र है, जिसने प्रत्येक वयस्क मतदाता को बिना किसी भेदभाव के, पहले दिन से ही मतदान का अधिकार दिया है न जातिगत भेदभाव, न क्षेत्रीय भेदभाव, न भाषाई भेदभाव, न लिंगभेद। यहां तक कि चुनाव से एक दिन पहले तक भी उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि इस पारदर्शी प्रक्रिया पर संदेह करना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने के समान है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया माहौल
सीएम योगी के इस कड़े बयान के बाद उत्तर प्रदेश सहित देश की सियासत में ‘विकास बनाम परिवारवाद’ और ‘संवैधानिक मर्यादा’ पर बहस तेज हो गई है। SIR विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान साफ करता है कि भाजपा इस मुद्दे पर रक्षात्मक होने के बजाय फ्रंट फुट पर आकर खेलने के मूड में है। चुनाव आयोग द्वारा स्थिति साफ किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री का यह तीखा प्रहार विपक्ष के उन दावों की हवा निकालता है जो चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे थे। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल सीएम योगी के इस ‘बचकानी हरकतों’ वाले तंज और माफी मांगने की मांग पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। (CM Yogi on SIR Controversy)









