Delhi Air Pollution: दिल्ली-NCR में प्रदूषण का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप का दूसरा चरण (GRAP-Stage II) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच चुका है, और कुछ हॉटस्पॉट जैसे जहांगीरपुरी में यह 436 तक दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली के सभी प्रमुख बॉर्डरों, खासतौर से उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग ने जबरदस्त सख्ती और वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है।
Delhi Air Pollution: हवा हुई जहरीली, बदला नियमों का मिजाज
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर दमघोंटू होने लगी है। 2 नवंबर को दिल्ली का औसत AQI 324 तक पहुंच गया, जिसके बाद CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रोएक्टिव कदम उठाते हुए ग्रैप-2 की पाबंदियां आयद कर दी हैं। इसके साथ ही 1 नवंबर से ही लागू हुए विंटर एक्शन प्लान के तहत दिल्ली के बाहर से आने वाले गैर-बीएस VI (Non-BS VI) वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस नियम का सबसे बड़ा असर दिल्ली और गाजियाबाद को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर देखने को मिल रहा है, जहां सुरक्षा और जांच एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा का चक्रव्यूह: कैसे हो रही है चेकिंग?
गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। बॉर्डर पर अंधाधुंध बैरिकेडिंग करके ट्रैफिक को पूरी तरह जाम करने के बजाय आधुनिक सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर तुरंत उनका कंप्लायंस चेक किया जा रहा है। यदि कोई डीजल या पेट्रोल गाड़ी दिल्ली के बाहर जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड की रजिस्टर्ड है और वह बीएस-VI (BS-VI) मानकों को पूरा नहीं करती, तो उसे दिल्ली की सीमा के भीतर घुसने नहीं दिया जा रहा है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य व्यावसायिक ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है। (Delhi Air Pollution)
पहले दो दिनों की कार्रवाई के आंकड़े
सीमाओं पर बरती जा रही सख्ती का अंदाजा अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 2 नवंबर को रात 8 बजे तक कुल 8,263 गाड़ियों की सघन जांच की गई, जिनमें नियमों का पालन नहीं करने वाले 1,228 से अधिक वाहनों को बॉर्डर से ही वापस लौटा दिया गया। वहीं, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होने और अन्य नियमों के उल्लंघन पर लाखों रुपये का जुर्माना वसूला गया। केवल PUCC नियमों के उल्लंघन को लेकर 566 चालान काटे गए, जिनके तहत कुल 56.6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, अपनी निर्धारित समयसीमा पूरी कर चुके एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों को भी मौके पर ही जब्त किया जा रहा है।
बॉर्डर पर रेंगता ट्रैफिक और चालकों की परेशानी
चेकिंग के चलते पीक आवर्स के दौरान गाजीपुर बॉर्डर, डीएनडी (DND) और चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि वे ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए केवल संदेहास्पद और ऐप आधारित चेकिंग का ही सहारा ले रहे हैं ताकि नोएडा-गाजियाबाद से आने वाले नौकरीपेशा लोगों को कम से कम असुविधा हो। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों का वैध PUCC साथ रखें और यदि गाड़ी पुरानी पाबंदियों के दायरे में आती है तो दिल्ली में प्रवेश करने से बचें। (Delhi Air Pollution)
GRAP-II के तहत दिल्ली में और क्या बदला?
गाड़ियों की चेकिंग के अलावा, दिल्ली के भीतर ग्रैप-2 लागू होते ही कई और कड़े कदम उठाए गए हैं। निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरफ प्रोत्साहित करने के लिए दिल्ली में पार्किंग चार्ज को दोगुना कर दिया गया है। धूल उड़ाने वाली निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स पर रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग और एंटी-डस्ट सप्रेसेंट रसायनों के साथ पानी का भारी छिड़काव शुरू कर दिया गया है। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली-NCR को गैस चैंबर बनने से रोकने के लिए प्रशासन इस बार बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है।गाजीपुर बॉर्डर पर चल रही यह सख्त चेकिंग आगामी 31 जनवरी 2027 तक इसी तरह जारी रहने की संभावना है। दिल्ली में आने वाले वाहन चालकों को घर से निकलने से पहले अपनी गाड़ी के सभी जरूरी कागजात और प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच कर लेनी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर भारी जुर्माना लग सकता है और बॉर्डर से वापस लौटना पड़ सकता है। (Delhi Air Pollution)









