Delhi Dwarka Accident: दिल्ली की चमचमाती सड़कों पर जब एक रईसजादा अपनी स्कॉर्पियो की रफ्तार और ‘इंस्टाग्राम रील’ के नशे में चूर था, तब उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसकी यह ‘मस्ती’ किसी घर का इकलौता चिराग बुझाने वाली है। द्वारका हिट-एंड-रन मामले में 23 वर्षीय साहिल धनेशरा की मौत ने एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर कानून के खौफ और रईसजादों की बेलगाम आदतों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Delhi Dwarka Accident: नाबालिग चालक की बेलगाम रफ्तार
आपको बता दें, हादसे का जो वीडियो सामने आया है, वह रूह कंपा देने वाला है। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो के अंदर से शूट की गई रील में साफ दिख रहा है कि कैसे वह नाबालिग चालक तेज संगीत और रील बनाने के चक्कर में गाड़ी को मौत की रफ्तार पर दौड़ा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि, जांच में सामने आया है कि जिस नाबालिग के हाथ में स्टेयरिंग था, उस गाड़ी पर पहले से ही 13 ओवर-स्पीडिंग के चालान थे।
13 बार ओवर-स्पीडिंग के चालान
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि, आखिर 13 बार कानून तोड़ने के बाद भी उस नाबालिग के हाथ में चाबी किसने दी? क्या उन रईस माता-पिता का कोई कसूर नहीं, जिन्होंने अपने बच्चे को सड़कों पर ‘यमदूत’ बनाकर छोड़ दिया? 23 साल का साहिल, जिसके सामने पूरी जिंदगी पड़ी थी, अपनी मेहनत और सपनों के साथ घर से निकला था। लेकिन उसे क्या पता था कि किसी की रील बनाने की सनक उसे अपनी मां से हमेशा के लिए दूर कर देगी। (Delhi Dwarka Accident)
साहिल की मां की अपील
आपको बता दें कि, उस मां की अपील ने पूरी दिल्ली को झकझोर दिया है, जिसने इसे साहिल की मौत को सिर्फ एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि एक बेरहम कत्ल बताया है। यह केवल एक मां का दर्द नहीं है, बल्कि उस समाज का दर्द है जहाँ चंद ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ के लिए सड़कों पर मौत का तांडव रचा जा रहा है। सोशल मीडिया पर साहिल के लिए न्याय की मांग उठ रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या नाबालिग होने का फायदा उठाकर यह रईसजादा फिर से किसी और साहिल को अपना शिकार बनाएगा? (Delhi Dwarka Accident)
अब फिलहाल साहिल तो वापस नहीं आएगा, लेकिन उसकी मां की आंखों में जो न्याय की उम्मीद है, उसे पूरा करना अब कानून की जिम्मेदारी है। क्या दिल्ली पुलिस इस बार एक मिसाल पेश करेगी?









