Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध सर्राफा बाजार, चांदनी चौक के कूचा महाजनी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कम से कम 54 से 56 ज्वेलरी और बुलियन दुकानों को सील कर दिया है। यह ताबड़तोड़ एक्शन 10 सितंबर 2026 को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुबह करीब 11:30 बजे किया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी कूचा महाजनी मार्किट में हड़कंप मच गया है, और व्यापारियों का दावा है कि इन दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये का सोना, चांदी और कीमती जेवर बंद रह गए हैं।
Delhi: कार्रवाई का मुख्य कारण क्या है?
MCD द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई दिल्ली के दक्षिण हिस्से में स्थित सत्य निकेतन इलाके में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद शुरू हुई विशेष प्रवर्तन मुहिम का हिस्सा है। सत्य निकेतन में एक अवैध व जर्जर इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद निगम प्रशासन ने पूरे शहर में खतरनाक इमारतों और अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। इसी अभियान के तहत कूचा महाजनी की व्यावसायिक संपत्तियों की जांच की गई, जहाँ मास्टर प्लान-2021 के नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए गए।
नियमों का उल्लंघन और बेसमेंट का दुरुपयोग
रिपोर्ट्स के अनुसार, निगम की इस कार्रवाई का मुख्य आधार नियमों के विपरीत बेसमेंट (तहखाने) का व्यावसायिक उपयोग करना है। ऐतिहासिक और संकरे बाजारों में स्थित इमारतों के बेसमेंट का अवैध कमर्शियल उपयोग पूरी संरचना की मजबूती और अग्नि सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक माना गया है। (Delhi)
‘बैकडेटेड’ नोटिस पर छिड़ा विवाद
इस सीलिंग अभियान में सबसे बड़ा विवाद नोटिसों की तारीख को लेकर खड़ा हुआ है। ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें संभलने का मौका ही नहीं दिया गया। व्यापारियों के अनुसार, दुकानों पर चिपकाए गए नोटिस पुरानी तारीखों के थे। नोटिस में साफ तौर पर लिखा था कि बेसमेंट का दुरुपयोग 48 घंटे के भीतर बंद किया जाए, वरना सीलिंग की जाएगी। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि गुरुवार को जब वे दुकानें खोलने पहुंचे, तो निगम और पुलिस अधिकारियों ने अचानक से नोटिस चिपकाए और बिना कोई वक्त दिए तुरंत दुकानों को सील करना शुरू कर दिया।
करोड़ों का सोना-चांदी अंदर बंद
ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने इस पूरी कार्रवाई पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह बाजार देश के सबसे बड़े थोक सर्राफा बाजारों में से एक है। अचानक हुई सीलिंग के कारण करोड़ों रुपये के गहने, बुलियन और जरूरी व्यापारिक दस्तावेज दुकानों के अंदर ही लॉक हो गए हैं, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि क्या सत्य निकेतन जैसे हादसों का खमियाजा हमेशा केवल छोटे और मध्यम कारोबारियों को ही भुगतना पड़ेगा? क्या उन सरकारी विभागों और राजनेताओं के खिलाफ भी कोई एक्शन लिया जाएगा जिनकी नाक के नीचे सालों से यह निर्माण होते रहे हैं? (Delhi)
आगे की राह और बाजार पर असर
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने दिल्ली के अन्य पुराने थोक बाजारों—जैसे खारी बावली, सदर बाजार और भागीरथ पैलेस के व्यापारियों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वर्तमान में एमसीडी की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं हुआ है, लेकिन व्यापारी संगठन इस सीलिंग के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए व्यापारियों के लिए यह सीलिंग एक बहुत बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकती है।









