Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term: अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर दिए गए एक विवादित बयान ने नया राजनीतिक और धार्मिक बवंडर खड़ा कर दिया है।
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि आरएसएस और वीएचपी ‘हिंदुत्व’ के नाम पर सनातन धर्म को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं और राम मंदिर के चंदे का इस्तेमाल राजनीतिक व चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। दिग्विजय सिंह के इन आरोपों के तुरंत बाद, अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों और महामंडलेश्वरों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों ने कांग्रेस नेता के बयानों को ‘अमर्यादित, निराधार और सनातन विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताते हुए उनकी कड़ी भर्त्सना की है।
Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term: दिग्विजय सिंह के आरोप और विवाद की जड़
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और प्रेस वार्ताओं के माध्यम से आरएसएस और वीएचपी पर एक साथ कई गंभीर आरोप लगाए। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि ‘हिंदू’ शब्द वेदों और उपनिषदों जैसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में कहीं नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि वीडी सावरकर द्वारा गढ़े गए ‘हिंदुत्व’ शब्द का प्रचार करके आरएसएस और वीएचपी देश में धार्मिक विभाजन पैदा कर रहे हैं, जिससे हिंदू-मुस्लिम, हिंदू-सिख और हिंदू-ईसाई समुदायों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर मिलने वाले चढ़ावे और राम शिला दानों का दुरुपयोग किया गया है। सिंह के मुताबिक, वीएचपी के माध्यम से आने वाली धनराशि को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनावी फंड और आरएसएस व भाजपा के दफ्तर बनाने में डाइवर्ट किया गया है।
सिंह ने कहा, “इस देश में जिस प्रकार सनातन धर्म को ‘हिंदू-हिंदू’ करते रहे, यह RSS और विश्व हिंदू परिषद ने किया। सावरकर जी ने उसको ‘हिंदुत्व’ नाम दे दिया। उसकी वजह से पूरे देश में हिंदू-मुसलमान, हिंदू-सिख और हिंदू-ईसाई के बीच दरारें पैदा हो गई हैं।” (Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term)
‘समाज को बांटने की साजिश‘
दिग्विजय सिंह ने संघ परिवार पर सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने सनातन धर्म को तोड़-मरोड़कर पेश किया है।उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी असली सनातनी थे, जिन्होंने जीवन भर ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाया और सभी धर्मों के बीच एकता की बात की। सिंह के अनुसार, आज का हिंदुत्व गांधी के सनातन धर्म से बिल्कुल अलग और विपरीत है।
सनातन स्वाभिमान यात्रा का ऐलान
इस वैचारिक हमले के साथ ही दिग्विजय सिंह ने एक बड़ी राजनीतिक-धार्मिक यात्रा की घोषणा भी की है। उन्होंने 20 अक्टूबर 2026 (दशहरा के दिन) से उज्जैन से अयोध्या तक ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है।
इस यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर निर्माण के लिए दिए गए चंदे में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना और असली सनातन धर्म के मूल्यों को जनता तक पहुंचाना है। सिंह ने आरोप लगाया कि VHP और अन्य संगठनों द्वारा इकट्ठा किया गया चंदा बीजेपी के चुनावी फंड और पार्टी के निर्माण कार्यों में लगा दिया गया, जो कि धार्मिक आस्था के साथ धोखा है। (Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term)
बीजेपी और संतों का पलटवार
दिग्विजय सिंह के इस बयान पर बीजेपी और साधु-संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता और मंत्री विश्वास सारंग ने सिंह के बयान को हिंदुओं और संतों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं और सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बेबुनियाद बयान देते हैं। सारंग ने सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
दिग्विजय सिंह के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या के प्रमुख संतों ने उनके दावों को सिरे से खारिज कर दिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
“कांग्रेस हमेशा से राम मंदिर निर्माण की विरोधी रही है” – महंत सीताराम दास जी महाराज
महंत सीताराम दास जी महाराज ने दिग्विजय सिंह के बयानों को अत्यंत निंदनीय और तथ्यहीन बताया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “इतने वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस तरह की अशोभनीय बातें करना मर्यादा के खिलाफ है। ये लोग हमेशा सनातन संस्कृति पर आघात करने का प्रयास करते हैं। यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण को रोकने के लिए अदालत में 28 वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी और मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण तक ठुकरा दिया था।”
महंत सीताराम दास ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह ने पूर्व में रामलला की मूर्ति के स्वरूप पर भी सवाल उठाए थे, जो उनकी मंशा को साफ दर्शाता है। (Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term)
“औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रसित है कांग्रेस” – महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज
महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी आज भी अंग्रेजों की गुलामी वाली मानसिकता से बाहर नहीं आ पाई है। उन्होंने कहा, “दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेस नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। औपनिवेशिक मानसिकता में फंसी यह पार्टी हमेशा से राम भक्तों, संतों, सनातनियों और भगवाधारियों को बदनाम करने की कोशिश करती रही है, और इस काम में दिग्विजय सिंह की मुख्य भूमिका रही है।”
दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ पर तंज कसते हुए महामंडलेश्वर ने कहा कि आगामी चुनावों में जनता कांग्रेस को पूरी तरह नकार देगी और इस यात्रा का हिंदू समाज अपनी तरह से ‘उचित स्वागत’ करेगा। (Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term)
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में भी उबाल आ गया है। राज्य सरकार के मंत्रियों ने इसे सनातन धर्म का खुला अपमान बताते हुए कांग्रेस आलाकमान से इस पर रुख स्पष्ट करने को कहा है।धार्मिक और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह आक्रामक रुख आगामी चुनावों को देखते हुए एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके जरिए वे भाजपा के कोर हिंदुत्व एजेंडे को सीधे चुनौती देना चाहते हैं।
हालांकि, अयोध्या के संतों और धार्मिक संगठनों की त्वरित व तीखी प्रतिक्रिया ने कांग्रेस के लिए इसे एक बार फिर रक्षात्मक मोड़ पर ला खड़ा किया है, क्योंकि संतों ने इसे सीधे तौर पर भगवान राम और सनातन परंपरा के प्रति कांग्रेस के ऐतिहासिक विरोध से जोड़ दिया है। 20 अक्टूबर से शुरू होने वाली दिग्विजय सिंह की यात्रा और उस पर संतों व हिंदू संगठनों का रुख आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। (Digvijaya Singh Targets RSS Over Hindutva Term)









