Epstein Files: दुनिया भर में इस वक्त ‘एपस्टीन फाइल्स‘ ने जलजला ला दिया है। अरबपति जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की लिस्ट से पूरी दुनिया के रसूखदार कांप रहे हैं, लेकिन भारत में इस खबर ने एक ऐसा मोड़ ले लिया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी! जैसे ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ‘एपस्टीन फाइल्स’ के पन्नों से कुछ बड़े नामों के जुड़ने की चर्चा शुरू हुई, भारत सरकार ने आनन-फानन में अमेरिका के साथ ऑयल परचेज और ट्रेड डील को फाइनल कर दिया। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी जल्दी क्या थी?
Epstein Files: क्या थरूर खोज पाएंगे इस ‘डील’ का असली सिरा?
अब सवाल यह है कि, क्या यह महज इत्तेफाक है? या फिर फाइल्स (Epstein Files) में नाम उछलने के शोर को दबाने के लिए ‘ट्रेड डील’ का मास्टरकार्ड खेला गया है? महंगाई से त्रस्त जनता को लगा था कि अमेरिका से सस्ता तेल मिलने पर राहत मिलेगी, लेकिन चर्चा है कि इस डील की आड़ में जनता के हितों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया है।

आपको बता दें कि, आज शाम 4:30 बजे संसद की विदेश मामलों की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होने जा रही है। शशि थरूर की अध्यक्षता वाली यह कमेटी अब इस पूरे मामले की जड़ तक जाने वाली है। विदेश और वाणिज्य सचिव को तलब किया गया है और उनसे तीखे सवाल पूछे जाएंगे। कि कहीं इस डील में तय नियमों और मानदंडों को ताक पर तो नहीं रख गया है? (Epstein Files)
एपस्टीन का काला राज: क्या भारत के बड़े नामों तक पहुँच रही है जांच की आंच?
कांग्रेस अब उस ‘कड़ी’ को खोजने की जद्दोजहद में जुट गई है जो इस डील को एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) के ग्लोबल हंगामे से जोड़ती है। क्या इस सौदे के पीछे भी कोई गहरा और काला राज छिपा है? आज इसी सवाल का जवाब शशि थरूर मीटिंग में खोजेंगे। और जानेंगे कि रातों- रात फाइलें क्यों दौड़ीं? जब पूरी दुनिया एपस्टीन के पन्नों को पलट रही थी, तब हमारी सरकार ट्रेड डील की फाइलें क्यों चमका रही थी?
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले को दबने नहीं देगी। विपक्षी खेमे का आरोप है कि सरकार ने अपनी छवि बचाने के लिए देश के संसाधनों का सौदा करने में भी संकोच नहीं किया। यह केवल तेल की खरीद नहीं, बल्कि जांच की आंच से बचने का एक बड़ा ‘कवर-अप’ हो सकता है। फिलहाल संसद से लेकर गलियारों तक, आज शाम की यह बैठक सत्ता के गलियारों में कंपन पैदा करने वाली है। क्या निकलेगा इस बंद कमरे की बैठक से? क्या एपस्टीन के काले साए की पहुँच भारत की इस डील तक है? (Epstein Files)









