लखनऊ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board Exam) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में होने जा रही हैं। नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूपी बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के स्वरूप में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इस साल न केवल कॉपियों का आकार बदला गया है, बल्कि धांधली रोकने के लिए ‘यूनिक नंबर’ और ‘क्यूआर कोड’ जैसी आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है।
उत्तर पुस्तिकाओं का नया स्वरूप: यूनिक नंबर और क्यूआर कोड
माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board Exam) ने इस बार उत्तर पुस्तिकाओं को वर्टिकल आकार में तैयार किया है। सबसे बड़ा बदलाव कॉपियों के कवर पेज पर किया गया है, जहाँ अब परीक्षा केंद्र के यूनिक नंबर की मुहर लगाना अनिवार्य होगा।
- अलग-अलग मुहरें: हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की ‘अ’ और ‘ब’ उत्तर पुस्तिकाओं के लिए अलग-अलग मुहरें बनवाई जाएंगी। इसके लिए कवर पेज पर विशेष बॉक्स बनाए गए हैं।
- गोपनीयता: यूनिक नंबर की जानकारी केंद्र व्यवस्थापकों को बंद लिफाफे में दी गई है।
- डिजिटल सुरक्षा: हर उत्तर पुस्तिका पर एक क्यूआर कोड (QR Code) भी दिया गया है, जिससे कॉपियों की अदला-बदली या फर्जी कॉपियों के इस्तेमाल की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन: हिंदी की परीक्षा के समय में बदलाव
बोर्ड ने अपने परीक्षा कार्यक्रम में एक बार फिर महत्वपूर्ण संशोधन किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर के अनुसार:
- 18 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं में अब सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा होगी।
- इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा अब दूसरी पाली (दोपहर) में आयोजित की जाएगी। प्रवेश पत्र और अन्य परीक्षा सामग्री का वितरण 600 से अधिक विद्यालयों को किया जा चुका है। अकेले आगरा में 1.21 लाख से अधिक छात्र 154 केंद्रों पर परीक्षा देंगे।
छात्रों और शिक्षकों के लिए कड़े निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों और केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे केवल ‘यूनिक नंबर’ वाली मुहर का ही उपयोग करें। 15 फरवरी तक सभी संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त कर दिया जाएगा ताकि वे अपनी ड्यूटी संभाल सकें। बोर्ड के इन सख्त कदमों से साफ है कि इस बार ‘नकल पर अकल’ लगाना नकल माफियाओं के लिए नामुमकिन होने वाला है। (UP Board Exam)









