Epstein Files: संसद के भीतर उस वक्त सन्नाटा खिंच गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीधा हमला करते हुए एक ऐसा नाम लिया जिसने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा रखा है—’एपस्टीन फाइल्स’। राहुल गांधी के आरोपों के तीर सीधे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर थे। लेकिन पलटवार भी उतना ही तीखा था। हरदीप सिंह पुरी ने न केवल इन आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि राहुल गांधी की राजनीति करने के तरीके पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

हरदीप सिंह पुरी का वो जवाब जिसने सबको चौंका दिया (Epstein Files)
जब कल लोकसभा में बहस के दौरान राहुल गांधी ने हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए उन्हें ‘एपस्टीन फाइल्स’ से जोड़ने की कोशिश की। तो केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा, “हाँ, मैं उनसे 3-4 बार मिला था, लेकिन उसकी वजह और संदर्भ पूरी तरह अलग थे।” उन्होंने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संसद की गरिमा का मजाक उड़ाना और बेबुनियाद आरोप लगाना राहुल की पुरानी आदत बन चुकी है। पुरी ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में कई लोगों से मिलना पड़ता है, लेकिन इसे किसी साजिश या गलत कृत्य से जोड़ना केवल ‘राजनीतिक दिवालियापन’ है। (Epstein Files)
नीति से हटकर व्यक्तिगत वार तक पहुँचा विवाद
फिलहाल, संसद में यह तकरार दिखाती है कि अब सरकार और विपक्ष के बीच का फासला इतना बढ़ गया है कि चर्चा नीतिगत मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत चरित्र हनन तक पहुँच गई है। जहाँ विपक्ष ‘फाइल्स’ (Epstein Files) के हवाले से सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार इसे ‘झूठ की खेती’ करार दे रही है।
लेकिन अब सवाल यह हैं कि, क्या वाकई राहुल गांधी के पास इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत हैं? या फिर यह संसद की कार्यवाही में केवल एक नया शोर बनकर रह जाएगा? इस जुबानी जंग ने फिलहाल लोकतंत्र के मंदिर में तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है।









