Financial Frauds: वित्त मंत्रालय ने 31 अक्टूबर, 2025 तक भारत के कुल 15 व्यक्तियों को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugitive Economic Offenders – FEO) घोषित किया है, जिन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और संस्थानों को कुल ₹58,082 करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान पहुँचाया है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं।
नीरव मोदी से विजय माल्या तक जानें कौन हैं शामिल? (Financial Frauds)
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा 1 दिसंबर, 2025 को लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, घोषित किए गए FEOs की सूची में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा और सुधीर एस वेंकटरमणरे शामिल हैं। इनके अलावा, दीप्ति सी संदेसरा, सुदर्शन वेंकटरमन, रामानुजम शेषारत्नम, पुष्पेश कुमार बैद, हितेश कुमार, नरेंद्रभाई पटेल को भी FEOs की व्यापक सूची में शामिल किया गया है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि इनमें से नौ व्यक्ति सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निशाना बनाकर की गई बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े हैं और इनमें से दो अपराधियों ने एकमुश्त निपटान (ओटीएस) प्रणाली के तहत ऋण निपटान के लिए बातचीत की है। (Financial Frauds)
FEO की स्थिति पर आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए चौधरी ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं ने इन भगोड़ों द्वारा किए गए वित्तीय अपराधों के कारण भारी नुकसान की सूचना दी है। जवाब में नामित अपराधियों में नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या, नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, सुधीर एस वेंकटरमण और संबंधित कंपनियां शामिल हैं।
आंकड़ों में कहा गया है कि इन मामलों के परिणामस्वरूप रिपोर्टिंग तारीख तक 26,645 करोड़ रुपये से अधिक का मूल बकाया और 31,437 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज अर्जित हुआ है। कुल वसूली योग्य राशि 19,187 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें से 1,630 करोड़ रुपये का निपटान या वसूली बातचीत के जरिए समझौतों के जरिए की जा चुकी है, साथ ही 3,542 करोड़ रुपये की छूट भी दी गई है। (Financial Frauds)
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार भविष्य में ऐसे अपराधियों को भारत से भागने से रोकने के लिए किसी नीति पर विचार कर रही है – जैसे कानूनी यात्रा प्रतिबंध या निगरानी सूची में शामिल करना। मंत्री ने जवाब दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।









